अजमेर। राजस्थान के अजमेर जिले की गांधीनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को मात्र छह घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड के आरोप में एक दंपति को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अवैध संबंधों के शक में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी थी। मृतक की शिनाख्त प्रदीप गुर्जर के रूप में की गई है, जिसका शव संदिग्ध परिस्थितियों में सड़क किनारे पड़ा मिला था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी साक्ष्यों के सटीक विश्लेषण ने आरोपियों को बच निकलने का कोई मौका नहीं दिया, जिससे इस पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश हो गया।
सड़क किनारे मिला संदिग्ध शव और पुलिस की तत्परता
घटना का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को ग्राम कल्याणपुरा नदी के पास एक युवक का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई। गांधीनगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और मृतक की पहचान प्रदीप गुर्जर के रूप में की। शुरुआती जांच में मामला पूरी तरह से हत्या का प्रतीत हो रहा था, जिसे देखते हुए एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाया गया। विशेष टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य और फिंगरप्रिंट्स जुटाए ताकि अपराधियों तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हो सके और इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाया जा सके।
कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों से बेनकाब हुए आरोपी
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने मामले की गहराई से पड़ताल करने के लिए मृतक की कॉल डिटेल खंगाली और आसपास के लोगों से गहन पूछताछ की। इस तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे संदिग्ध नंबर और सुराग मिले जिन्होंने सीधे आरोपी जगदीश बावरी और उसकी पत्नी सुरज्ञान की ओर इशारा किया। जैसे ही पुलिस ने इस दंपति को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की, उन्होंने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया और हत्या की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।
आपत्तिजनक स्थिति और गुस्से में की गई हत्या
पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपी जगदीश बावरी को अपनी पत्नी सुरज्ञान के चरित्र पर पहले से ही संदेह था। घटना वाली रात जब उसने प्रदीप गुर्जर को अपनी पत्नी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया, तो उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इसी आवेश में आकर जगदीश ने प्रदीप पर हमला कर दिया और गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस कृत्य में उसकी पत्नी ने भी साथ दिया और दोनों ने मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
हत्या करने के बाद आरोपी दंपती ने कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उन्होंने मिलकर प्रदीप के शव को कल्याणपुरा नदी के पास सड़क के किनारे फेंक दिया ताकि पुलिस इसे एक सामान्य सड़क हादसा या किसी अज्ञात हमलावर की करतूत मानकर गुमराह हो जाए। हालांकि, पुलिस की सूझबूझ और महज छह घंटों की कड़ी मशक्कत ने आरोपियों के इन मंसूबों पर पानी फेर दिया। फिलहाल पुलिस मामले के अन्य कानूनी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपियों से घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों को बरामद करने की प्रक्रिया जारी है।


