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    सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का करना है दर्शन, तो भूलकर भी न करें ये 6 काम, जानें दर्शन-आरती समय, ड्रेस कोड और सुविधाएं

    8 जनवरी से 11 जनवरी तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व चल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 10 जनवरी से दो दिवसीय सोमनाथ यात्रा पर रहेंगे. जहां पर मंदिर में दर्शन, पूजन, ओंकार मंत्र का जाप, शौर्य यात्रा आदि जैसे कार्यक्रमों में शामिल होंगे. सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के समय या अन्य मौकों पर आपको सोमनाथ मंदिर जाना है और सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने हैं तो उसके लिए कुछ नियमों का पालन करना होगा. इसमें कुछ धार्मिक नियम हैं तो कुछ मंदिर प्रशासन से जुड़े नियम हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होता है. आइए जानते हैं कि सोमनाथ मंदिर में दर्शन के क्या नियम हैं, कौन से काम भूलकर नहीं करने हैं और भक्तों को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?
    द्वादश ज्योतिर्लिंग में प्रथम है सोमनाथ ज्योतिर्लिंग

    ​शिव पुराण के द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तुति में 12 ज्योतिर्लिंगों का उल्लेख है, जिसमें सोमनाथ ज्योतिर्लिंग प्रथम है, जिसकी स्थापना चंद्र देव ने की थी. चंद्रमा को सोम भी कहा जाता है, इस वजह से इस ज्योतिर्लिंग का नाम सोमनाथ है. सोमनाथ यानि जो चंद्रमा के नाथ यानि प्रभु हैं महादेव. क्षय रोग से मुक्ति के लिए यहां पर चंद्रमा ने भगवान शिव की स्तुति की थी, उनकी कृपा से चंद्र देव दोष मुक्त हुए थे.

    द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तुति
    सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्‌।
    उज्जयिन्यां महाकालमोंकारं ममलेश्वरम्‌॥
    परल्यां वैघनाथं च डाकिन्यां भीमशंकरम्‌।
    सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥
    वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमी तटे।
    हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥
    एतानि ज्योतिर्लिंगानि सायं प्रातः पठेन्नरः।
    सप्तजन्मकृतं पापं स्मरेण विनश्यति॥

    भूलकर भी न करें ये काम

        आपको जिस दिन सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने हैं, उससे एक दिन पहले से सात्विक भोजन करें. मांस, मदिरा या तामसिक वस्तुओं का सेवन न करें.
        कहा जाता है कि भगवान भाव के भूखे है. वैसे भी महादेव भोलेनाथ हैं, आपका मन जितना ही पवित्र और निर्मल होगा, उतना ही आपको शिव के सामिप्य का अनुभव होगा. अपने मन में किसी भी प्रकार का क्रोध, निंदा, ईर्ष्या, द्वेष, लोभ आदि न रखें. ऐसे में भक्ति का मार्ग आपके लिए कठिन होगा.
        मंदिर के अंदर जूते या चप्पल पहन कर न जाएं. मंदिर के बाहर जूते और चप्पल रखने के लिए उचित स्थान बनाए गए हैं, वहां पर नि:शुल्क सेवाएं दी जाती हैं. वहां पर अपने जूते चप्पल निकालकर मंदिर में प्रवेश करें.
        सोमनाथ मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे हैं तो आपको ड्रेस कोड का पालन करना होगा. कपड़े भी सही और मर्यादित होने चाहिए. आप धोती, कुर्ता, पायजामा, साड़ी, सलवार, कमीज आदि पहनकर जा सकते हैं. मिनी स्कर्ट या इस तरह के कपड़ों को पहनकर मंदिर में आने की अनुमति नहीं है.
        मंदिर के अंदर कैमरा, मोबाइल फोन, लैपटॉप या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर जाना मना है. इसे आप क्लॉक रूम के लॉकर में रख सकते हैं. इसके लिए पैसे देने की जरूरत नहीं है.
        मंदिर के अंदर फोटो लेना और वीडियो बनाना मना है. सुरक्षा कारणों से इस बात का ध्यान रखना चाहिए.
        मंदिर परिसर में पान, बीड़ी, सिगरेट जैसी वस्तुओं का सेवन करना पूर्णतया वर्जित है. अगर ऐसा करते हैं तो आपको जुर्माना देना पड़ सकता है.

    सोमनाथ मंदिर में मिलने वाली सुविधाएं
    क्या मंदिर में कोई भी दर्शन कर सकता है?
    हां, जो लोग हिंदू धर्म में विश्वास करते हैं, वे लोग सोमनाथ मंदिर में पूजा, अर्चना और दर्शन कर सकते हैं.
    सोमनाथ मंदिर में दर्शन के लिए रुपए देने होते हैं?
    नहीं. सोमनाथ मंदिर में प्रवेश और दर्शन के लिए कोई रुपए नहीं देने होते हैं.
    दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए क्या सुविधाएं हैं?
    मंदिर में दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्हील चेयर, लिफ्ट और वाहन की सुविधा है. मंदिर के मेन गेट पर आपको व्हील चेयर और वाहन की सुविधा मिलती है.
    हवन और यज्ञ कराया जा सकता है?
    मंदिर के गेस्ट हाउस में रूम कैसे बुक करें?
    सोमनाथ मंदिर के गेस्ट हाउस में आप ऑनलाइन रूम बुक कर सकते हैं. इसके लिए आपको मंदिर की वेबसाइट पर जाना होगा.
    नवजात बच्चों के लिए सुविधाएं हैं?
    हां, गेस्ट हाउस में नवजात बच्चों के लिए पालना सहित अन्य सुविधाएं दी गई हैं.
    सोमनाथ मंदिर में दर्शन और आरती समय

        सोमनाथ मंदिर में दर्शन का समय सुबह में 6 बजे से लेकर रात को 10 बजे तक है.
        आरती का समय: सुबह में 7 बजे, दोपहर में 12 बजे, शाम को 7 बजे.
        लाइट एंड साउंड शो: रात में 8 बजे से लेकर रात 9 बजे तक.

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