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    Homeस्वास्थ्यपैरों में छाले और घाव को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

    पैरों में छाले और घाव को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

    नए जूते काट रहे हैं पैर? इन 7 आसान घरेलू उपायों से तुरंत दूर करें दर्द और जख्म

    नए जूते या चप्पल पहनना किसे पसंद नहीं होता, लेकिन अक्सर 'स्टाइल' के चक्कर में पैर 'शू बाइट' का शिकार हो जाते हैं। टाइट या सख्त फुटवियर पहनने से एड़ी और उंगलियों के पास की त्वचा छिल जाती है, जिससे दर्दनाक छाले या घाव हो सकते हैं। यदि शुरुआती दौर में इन पर ध्यान न दिया जाए, तो संक्रमण (Infection) और सूजन बढ़ने का खतरा रहता है। आइए जानते हैं कि इस समस्या से राहत पाने के प्रभावी उपाय क्या हैं।

    शू बाइट ठीक करने के 7 रामबाण उपाय

    1. नारियल तेल का जादू: नारियल तेल में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। इसे प्रभावित हिस्से पर लगाने से न केवल घाव जल्दी भरता है, बल्कि त्वचा की नमी भी बनी रहती है।

    2. एलोवेरा से मिलेगी ठंडक: अगर जूते की रगड़ से जलन हो रही है, तो ताजा एलोवेरा जेल लगाएं। यह त्वचा को शांत करता है और सूजन कम करने में बेहद मददगार है।

    3. हल्दी का एंटीसेप्टिक लेप: हल्दी और पानी का गाढ़ा पेस्ट बनाकर जख्म पर लगाएं। हल्दी के एंटीसेप्टिक गुण घाव को पकने से रोकते हैं और उसे जल्दी सुखा देते हैं।

    4. पैरों की स्वच्छता: घाव होने पर पैरों को साफ रखना सबसे जरूरी है। गंदगी या पसीने के कारण इंफेक्शन फैल सकता है, इसलिए दिन में दो बार पैर धोकर उन्हें सूखा रखें।

    5. सॉफ्ट फुटवियर का चुनाव: जब तक जख्म पूरी तरह ठीक न हो जाए, तब तक दोबारा वही टाइट जूते न पहनें। घर में भी मुलायम चप्पलें या ढीले फुटवियर ही इस्तेमाल करें।

    6. बर्फ से सिकाई: यदि घाव वाली जगह पर तेज जलन या सूजन है, तो बर्फ के टुकड़े को कपड़े में लपेटकर कुछ मिनट सिकाई करें। इससे तुरंत राहत मिलेगी।

    7. मेडिकेटेड बैंडेज: घाव को बाहरी धूल और दोबारा रगड़ लगने से बचाने के लिए किसी अच्छी बैंडेज या 'फुट पैड' का उपयोग करें।

    लापरवाही पड़ सकती है महंगी

    अगर नए जूते से हुए घाव का समय पर इलाज न किया जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है:

    • संक्रमण और पस: घाव में मवाद (Pus) भर सकता है, जिससे असहनीय दर्द होता है।

    • डायबिटीज मरीजों के लिए चेतावनी: मधुमेह के मरीजों के लिए पैरों का छोटा सा जख्म भी खतरनाक हो सकता है, क्योंकि उनका घाव धीरे भरता है।

    • चलने-फिरने में दिक्कत: लगातार रगड़ से त्वचा गहरी कट सकती है, जिससे सामान्य रूप से चलना भी मुश्किल हो जाता है।

    भविष्य के लिए टिप्स

    नया जूता पहनने से पहले उस जगह पर थोड़ा नारियल तेल या पेट्रोलियम जेली लगा लें जहाँ रगड़ लगने का डर हो। इसके अलावा, नए जूते के साथ हमेशा मोटे मोजे पहनकर उसे घर में थोड़ा चला लें ताकि वह पैर के आकार में ढल जाए।

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