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    Homeराज्यछत्तीसगढ़101 करोड़ ओवरटाइम घोटाले में जांच तेज, एन. उदय राव गिरफ्तार

    101 करोड़ ओवरटाइम घोटाले में जांच तेज, एन. उदय राव गिरफ्तार

     

    रायपुर: शराब घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई, डिस्टलरी के वाइस प्रेसिडेंट एन. उदय राव गिरफ्तार

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब दुकान कर्मचारियों को किए गए 101 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी ओवरटाइम भुगतान मामले में जांच एजेंसियों ने अपना शिकंजा कस दिया है। एसीबी (ACB) और ईओडब्ल्यू (EOW) की संयुक्त टीम ने बुधवार को 'छत्तीसगढ़ डिस्टलरी' के मार्केटिंग वाइस प्रेसिडेंट एन. उदय राव को हिरासत में ले लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहाँ से आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    मामले में अब तक 8 गिरफ्तारियां

    जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस बड़े वित्तीय घोटाले में अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उदय राव से पहले पकड़े गए सात अन्य आरोपियों को पहले ही न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ रहा है, इस सिंडिकेट से जुड़े कई नए खुलासे हो रहे हैं।

    भुगतान प्रणाली में धांधली का खुलासा

    जांच में यह बात प्रमुखता से उभरी है कि छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के दस्तावेजों में मैनपावर सप्लाई का जिम्मा भले ही 'ए-टू-जेड इंफ्रा सर्विसेस' के पास था, लेकिन इसके संचालन और भुगतान की पूरी कमान पर्दे के पीछे से एन. उदय राव संभाल रहे थे। आरोप है कि कर्मचारियों के बोनस, ओवरटाइम और एक्स्ट्रा वर्किंग डेज के बिल उनकी ही देखरेख और निर्देशों पर तैयार कर पास किए जाते थे।

    कमीशन नेटवर्क की हो रही पड़ताल

    एजेंसी इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े से जुटाया गया पैसा किन-किन हाथों तक पहुँचा। शुरुआती सुरागों के अनुसार, ओवरटाइम के नाम पर निकाली गई रकम का एक बड़ा हिस्सा कमीशन के तौर पर अरुणपति त्रिपाठी के जरिए अनवर ढेबर तक पहुँचाया जाता था। जांच एजेंसियां इस पूरे नेक्सस को बेनकाब करने में जुटी हैं।

    182 करोड़ रुपये के अतिरिक्त भुगतान का आंकड़ा

    सरकारी दस्तावेजों के विश्लेषण से पता चला है कि साल 2019 से 2024 के बीच मैनपावर एजेंसियों को नियम विरुद्ध तरीके से भारी-भरकम भुगतान किया गया। इसमें:

    • ओवरटाइम: लगभग 101.20 करोड़ रुपये

    • बोनस: 12.21 करोड़ रुपये

    • अतिरिक्त कार्य दिवस: 54.46 करोड़ रुपये

    • सर्विस चार्ज: करोड़ों रुपये

    इन सभी मदों को मिलाकर कुल घोटाला करीब 182.98 करोड़ रुपये तक पहुँचने का अनुमान है।

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