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    कैदियों को अंग्रेजी पढ़ाते दिखे जेल डीजी हिमांशु गुप्ता, सुधार की नई पहल चर्चा में

    बिलासपुर| छत्तीसगढ़ के बिलासपुर केंद्रीय कारागार से एक बेहद सकारात्मक और दिल को सुकून देने वाली खबर सामने आई है। प्रदेश के जेल महानिदेशक (DG) हिमांशु गुप्ता जब निरीक्षण के उद्देश्य से जेल पहुंचे, तो उन्होंने एक सख्त प्रशासनिक अधिकारी के बजाय एक मार्गदर्शक और शिक्षक की अनूठी भूमिका निभाई। डीजी हिमांशु गुप्ता ने जेल के बंदियों के बीच पहुंचकर उनकी अंग्रेजी की एक विशेष कक्षा (क्लास) ली। इस दौरान उन्होंने कैदियों को अंग्रेजी भाषा सीखने के आसान तौर-तरीके सिखाए, साथ ही उनके व्यक्तित्व विकास (पर्सनालिटी डेवलपमेंट) और आत्मविश्वास (कॉन्फिडेंस) को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक टिप्स दिए।

    कैदियों ने दिखाया भारी उत्साह

    इस अनूठी कक्षा में जेल के बंदियों ने बेहद उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने डीजी द्वारा पूछे गए सवालों के सटीक जवाब दिए और अपनी जिज्ञासा शांत करने के लिए उनसे कई सवाल भी पूछे। कक्षा संपन्न होने के बाद डीजी हिमांशु गुप्ता ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास किसी भी मनुष्य के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने बंदियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जेल की चारदीवारी के भीतर बिताया जाने वाला यह समय खुद को आत्मचिंतन कर एक बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक के रूप में ढालने का एक सुनहरा अवसर साबित हो सकता है।

    बंदियों की समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान के निर्देश दिए

    कक्षा का सत्र पूरा होने के बाद डीजी ने जेल के अंदर बंद सभी कैदियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। उनकी समस्याओं और शिकायतों को ध्यान से सुनने के बाद उन्होंने मौके पर मौजूद जेल अधिकारियों को मामलों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के सख्त निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने पूरे जेल परिसर का गहन मुआयना किया और वहां कैदियों को मिलने वाले भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य बुनियादी जरूरतों का जायजा लिया।

    जेल के आधुनिकीकरण के लिए कई नई सुविधाओं की स्वीकृति

    अपने इस औचक निरीक्षण के दौरान जेल डीजी हिमांशु गुप्ता ने केंद्रीय जेल बिलासपुर को कई महत्वपूर्ण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की आधिकारिक स्वीकृति प्रदान की है:

    • जेल उद्योग का विस्तार: कैदियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने के लिए कलर ऑफसेट प्रिंटिंग मशीन के साथ-साथ एलईडी बल्ब और ट्यूबलाइट निर्माण के लिए आधुनिक मशीन सेटअप को मंजूरी दी गई है।

    • डिजिटल शिक्षा और पठन-पाठन: जेल में शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए स्मार्ट बोर्ड और लाइब्रेरी के लिए नियमित रूप से अंग्रेजी समाचार पत्र उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है।

    • शुद्ध पेयजल और अन्य सुविधाएं: कैदियों को पीने का स्वच्छ पानी मुहैया कराने के लिए परिसर में 20 नए आरओ वाटर प्यूरीफायर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जेल पाठशाला के लिए ऑटोमैटिक रोटी मेकर मशीन, महिला जेल के लिए इनवर्टर और सभी बंदियों के उपयोग के लिए दो हजार नई थालियां उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं।

    जेल प्रशासन का मानना है कि इन तमाम नई सुविधाओं के स्वीकृत होने से जेल के भीतर व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा कैदियों को आधुनिक संसाधनों का लाभ मिल सकेगा।

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