आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सनसनी मचाने वाले राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के प्रशंसकों की फेहरिस्त लगातार लंबी होती जा रही है। अब इस सूची में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व महान बल्लेबाज और लखनऊ सुपर जायंट्स के हेड कोच जस्टिन लैंगर का नाम भी शामिल हो गया है, जो इस युवा खिलाड़ी के मुरीद हो चुके हैं।
मैदान पर दिखा बेहद खास नजारा
जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में वैभव ने लखनऊ सुपर जायंट्स के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए महज 38 गेंदों में 93 रनों की आतिशी पारी खेली थी। उनकी इस पारी ने न सिर्फ राजस्थान को एकतरफा जीत दिलाई, बल्कि प्लेऑफ की उम्मीदों को भी मजबूती दी। हालांकि, मैच खत्म होने के बाद मैदान पर जो वाकया हुआ, उसने हर किसी का दिल जीत लिया।
पोस्ट-मैच इंटरव्यू के दौरान ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज जस्टिन लैंगर अचानक वैभव के पास पहुंचे और बेहद शालीनता से मुस्कुराते हुए पूछा— "क्या मैं आपके साथ एक तस्वीर खिंचवा सकता हूं?" फोटो क्लिक कराने के बाद लैंगर ने वैभव की पीठ थपथपाई और कहा, "मैं इस यादगार तस्वीर को हमेशा अपने पास संभालकर रखूंगा। तुम्हारे शानदार भविष्य के लिए मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं।" दिग्गज कोच और युवा खिलाड़ी का यह खूबसूरत पल अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।
"उसे खेलते देखना किसी सौभाग्य से कम नहीं"— लैंगर
मैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी जस्टिन लैंगर ने वैभव सूर्यवंशी की तारीफों के पुल बांधे। उन्होंने कहा:
"मैंने अपने 35 साल के लंबे क्रिकेट करियर में दुनिया के कई महान बल्लेबाजों को खेलते देखा है, लेकिन इतनी छोटी उम्र में इस तरह की परिपक्वता और आक्रामकता देखना वाकई अविश्वसनीय है।"
लैंगर ने मैच का जिक्र करते हुए आगे कहा, "मैदान पर मिचेल स्टार्क और एनरिक नॉर्त्जे जैसे दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों के चेहरे के हाव-भाव साफ बता रहे थे कि वे कितने बेबस थे। उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि इस 15 साल के लड़के के सामने कहां गेंद डाली जाए। सबसे डराने वाली बात तो यह है कि वह अभी सिर्फ सीख रहा है, सोचिए जब वह पूरी तरह निपुण हो जाएगा तब गेंदबाजों का क्या हाल करेगा!"
कप्तान रियान पराग ने भी सराहा
राजस्थान रॉयल्स के नियमित कप्तान रियान पराग ने भी अपने इस युवा साथी की जमकर पीठ थपथपाई। पराग ने इस पारी को वैभव के करियर का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन बताते हुए कहा, "शुरुआत में उसने 11 गेंदों पर सिर्फ 5 रन बनाए थे। उस नाजुक मोड़ पर उसने जो धैर्य और समझदारी दिखाई, उससे पता चलता है कि इस लड़के का क्रिकेटिंग सेंस कितना कमाल का है।"
इस मुकाबले में वैभव ने यह साबित कर दिया कि वे सिर्फ आंख बंद करके बल्ला घुमाना नहीं जानते, बल्कि मैच की परिस्थिति के अनुसार गियर बदलना भी बखूबी जानते हैं। शुरुआत में क्रीज पर वक्त बिताने के बाद उन्होंने लखनऊ के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया। दिग्गज क्रिकेट पंडित अब वैभव को भारतीय क्रिकेट का भविष्य मान रहे हैं।


