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    संसद भवन में NDA की अहम बैठक, पीएम मोदी और नए सांसदों पर रहेगा फोकस

    नई दिल्ली: राजधानी के संसद भवन स्थित लाइब्रेरी बिल्डिंग के जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के संसदीय दल की 'मंगल मिलन' बैठक का आयोजन किया गया। यह विशेष बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन करने और राज्यसभा के नए चुने गए सांसदों का औपचारिक स्वागत करने के उद्देश्य से बुलाई गई।

    पीएम मोदी और दिग्गज नेताओं की उपस्थिति

    बैठक में सम्मिलित होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, किरेन रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल पहुँचे। इससे पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, धर्मेंद्र प्रधान, जी. किशन रेड्डी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे।

    प्रधानमंत्री के सम्मान में अभिनंदन प्रस्ताव पारित

    एनडीए के घटक दलों ने सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में एक विशेष अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव पारित होने के उपरांत प्रधानमंत्री ने सांसदों को संबोधित किया। पहली बार इस बैठक में हिस्सा ले रहे भाजपा सांसद अशोक मित्तल ने उत्साह जताते हुए कहा कि शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन से देश के विकास और भावी रणनीतियों को नई दिशा मिलेगी।

    एनसीपीआई गुट ने बनाई बैठक से दूरी

    एक ओर जहाँ एनडीए ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया, वहीं नवनिर्मित 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) इस संयुक्त बैठक में शामिल नहीं हुई। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों से बने इस नए दल ने दूरी बनाए रखी, क्योंकि लोकसभा अध्यक्ष की ओर से एनसीपीआई के रूप में इस समूह के विलय को अभी तक आधिकारिक स्वीकृति नहीं मिली है।

    स्थानीय मुद्दों पर सुदीप बंद्योपाध्याय का दृष्टिकोण

    बागी टीएमसी सांसदों का नेतृत्व कर रहे सुदीप बंद्योपाध्याय ने स्पष्ट किया कि उनके समूह को सदन में सीटों का आवंटन और अलग विधायी ब्लॉक की मान्यता मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि उनका दल एनडीए सरकार का समर्थन करेगा और विधायी कार्यों में भाग लेगा। इसके साथ ही उन्होंने जोर दिया कि पश्चिम बंगाल से जुड़े स्थानीय मुद्दों को दिल्ली लाने के बजाय मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाना चाहिए।

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