पटना। बिहार की राजधानी पटना के मसौढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत मनीचक गांव में शुक्रवार की शाम एक अपहृत युवक को छुड़ाने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इस अचानक हुए हमले में एडिशनल थाना प्रभारी राहुल कुमार के पैर में गोली लगी है, जबकि एएसआई संजय कुमार के हाथ को छूती हुई एक गोली निकल गई। इस जानलेवा हमले के बाद भी पुलिस बल ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए जवाबी फायरिंग की, जिससे घबराकर अपराधी पीछे हटने को मजबूर हो गए। दोनों जख्मी पुलिसकर्मियों को तुरंत इलाज के लिए पटना एम्स में दाखिल कराया गया है, जहां उनकी हालत अब नियंत्रण में बताई जा रही है।
छापेमारी के दौरान मुठभेड़ और इनामी हैदर का खात्मा
पुलिस की ओर से की गई आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई में गिरोह के एक मुख्य शातिर अपराधी को भी गोली लगी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, घायल होने के बाद उसके साथी उसे छुपाकर पहले पुनपुन स्वास्थ्य केंद्र, फिर पीएमसीएच और उसके बाद अन्य निजी अस्पतालों में ले गए, लेकिन आखिरकार दम तोड़ने के कारण उसकी मौत हो गई। मृत अपराधी की शिनाख्त मोहम्मद हैदर के रूप में की गई है, जो मसौढ़ी इलाके का एक पुराना और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर था। हैदर पहले भी कत्ल के एक संगीन मामले में जेल की हवा खा चुका था और कुछ ही समय पूर्व जमानत पर जेल से छूटकर बाहर आया था।
मोबाइल सौदे के बहाने जाल बिछाकर किया था किडनैप
अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते बंधक बनाए गए युवक को अपराधियों के चंगुल से पूरी तरह सुरक्षित बचा लिया गया है। मुक्त कराए गए पीड़ित युवक ने पूछताछ में एक बड़े रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि बदमाशों ने उसे एक ऑनलाइन शॉपिंग ऐप के जरिए मोबाइल फोन खरीदने और बेचने के बहाने बात करने के लिए मनीचक गांव बुलाया था। जैसे ही वह तय स्थान पर पहुंचा, वहां पहले से घात लगाए बैठे करीब छह अपराधियों ने उसे हथियारों के बल पर बंधक बना लिया। बदमाशों ने उसके पास मौजूद नकदी लूटने की कोशिश की और विरोध करने पर उसकी हत्या की योजना बना रहे थे, तभी मौके पर पुलिस की टीम पहुंच गई।
फरार बदमाशों की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) परिचय कुमार ने बताया कि शुक्रवार की शाम करीब 7:30 बजे मुखबिर से पुख्ता इनपुट मिला था कि कुछ अपराधी एक युवक को बंधक बनाकर उसकी जान लेने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही अतिरिक्त थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर मौके पर रवाना की गई थी, जिस पर अपराधियों ने देखते ही गोलियां चलाना शुरू कर दिया था। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस वारदात में शामिल गिरोह के अन्य सभी सदस्यों की पहचान सुनिश्चित कर ली गई है और फरार आरोपियों को सरगर्मी से तलाशने के लिए पूरे इलाके की नाकेबंदी कर लगातार छापेमारी की जा रही है।


