Census 2027: मध्य प्रदेश में जनगणना 2027 का पहला चरण शुरु हो चुका है. इस चरण के तहत गुरुवार से स्वगणना का पोर्टल se.census.gov.in खुल गया है. इस पोर्टल पर जाकर आप स्वयं ही स्वगणना कर सकते है. इस प्रक्रिया को लेकर प्रदेश के लोगों में खासा उत्साह भी नजर आ रहा है लेकिन ऑनलाइन स्वगणना फॉर्म में आ रही तकनीकी दिकक्तों की वजह से लोगों को परेशानी की सामना भी करना पड़ा रहा है.
तीसरे फेज में अटक रहा है फॉर्म
कई यूजर्स के मुताबिक स्वगणना करते समय जैसे ही फॉर्म का तीसरा फेज खुला और लोकेशन जियो के लिए टैंगिग करने का बॉक्स ओपन हुआ तो फॉर्म वहीं अटक गया. यहां दर्ज किए गए पते के अनुसार खुद ही जियो टैगिंग के लिए मैप खुलता है, लोग बार-बार सटीक जानकारी भरकर प्रयास करते हुए पर फॉर्म वहीं अटका रहा.
स्वगणना फॉर्म भरते समय सावधानी
हालांकि स्वगणना का फॉर्म भरते समय आपको कुछ खास बातें ध्यान रखने की जरूरत है. विशेष रूप से नाम भरने में क्योंकि जब इस फॉर्म में हम नाम भरते है तो स्पष्ट रूप से बताया जाता है कि नाम सुधारने का दूसरा मौका नहीं दिया जाएगा. लोकेशन को लैटिट्यूड- लॉन्गिट्यूड में बताकर कंफर्म करने का पूछा जा रहा है. इसमें लोग भ्रमित हो रहे हैं.
30 अप्रैल तक खुला रहेगा पोर्टल
बता दें कि स्वगणना का पोर्टल 30 अप्रैल 2026 तक खुला रहेगा. इसके बाद प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण का काम 1 मई से शुरु करेंगे. ये काम भी 30 मई 2026 तक होगा. पोर्टल पर राज्य का चयन कर परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा. यहां ऑनलाइन मैप पर घर की जियो टैंगिंग होगी. जब आप पूरा फॉर्म भरकर जमा करेंगे तो अंत में 11 की एक स्वगणना पहचान संख्या आपको प्राप्त होगी. ये आपको एसएमएस और ईमेल के माध्यम से भी प्राप्त होगी जो जनगणना के समय काम आएगी.


