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    Homeराज्यबिहारनकली दस्तावेज बनाने वाले रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, जांच में जुटी पुलिस

    नकली दस्तावेज बनाने वाले रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, जांच में जुटी पुलिस

    पाकुड़। झारखंड के पाकुड़ जिले में फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह के खिलाफ स्थानीय पुलिस का ताबड़तोड़ अभियान जारी है। मुफस्सिल थाना पुलिस ने इस रैकेट के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्राथमिकी अभियुक्त उत्कृष्ट राठौर उर्फ दीपक को गोड्डा जिले से गिरफ्तार कर लिया है। मुफस्सिल थाना प्रभारी गौरव कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि बीते 21 जून को दर्ज मामले के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है।

    सह-आरोपी हेमंत की निशानदेही पर गोड्डा के सोनारचक में पुलिस ने मारा छापा

    थाना प्रभारी के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत तब हुई थी जब सदर प्रखंड के पहाड़िया टोला गांव से हेमंत कुमार साह नामक व्यक्ति को जाली दस्तावेज बनाने के आरोप में पकड़ा गया था। नवरोत्तमपुर के पंचायत सचिव उत्तम कुमार घोष की लिखित शिकायत पर पुलिस ने कांड संख्या 79/26 दर्ज कर हेमंत को न्यायिक हिरासत में भेजा था। जेल में बंद हेमंत से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने गोड्डा जिले के पथरगामा थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनारचक में छापेमारी कर मुख्य सूत्रधार उत्कृष्ट राठौर को धर दबोचा।

    साइबर कैफे और सॉफ्टवेयर का खेल: गांव से कलेक्ट होते थे पैसे और कागजात

    गिरोह के काम करने के तौर-तरीकों का खुलासा करते हुए मुफस्सिल थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी हेमंत कुमार साह ग्रामीण इलाकों से सीधे-साधे लोगों को झांसा देकर उनसे दस्तावेज और मोटी रकम वसूल करता था। वह इन जानकारियों को गोड्डा में बैठे उत्कृष्ट को भेज देता था। इसके बाद, उत्कृष्ट एक विशेष कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के जरिए हूबहू दिखने वाले फर्जी डिजिटल दस्तावेज तैयार करता था और साइबर कैफे से उसका प्रिंट निकालकर हेमंत को दे देता था, जिसे ग्रामीणों में बांट दिया जाता था।

    ठगी से परेशान ग्रामीणों ने चालाकी से बिछाया था जाल, पिटाई के बाद किया था पुलिस के हवाले

    उल्लेखनीय है कि हिरणपुर प्रखंड के बागशीशा गांव निवासी हेमंत कुमार साह ने पहाड़िया टोला के भोले-भाले ग्रामीणों से जन्म प्रमाण पत्र, जाति, निवास तथा अन्य जरूरी पहचान पत्र बनाने के नाम पर हजारों रुपये की ठगी की थी। पैसे लेने के बाद वह फरार हो गया था। परेशान ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए गांव के कुछ अन्य लोगों का प्रमाण पत्र बनवाने के बहाने हेमंत को दोबारा गांव बुलाया। जैसे ही वह गांव पहुंचा, ग्रामीणों ने उसे पकड़कर सबक सिखाया और तुरंत मुफस्सिल थाना पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस फिलहाल इस रैकेट में शामिल अन्य तकनीकी एक्सपर्ट्स और स्थानीय दलालों की तलाश में जुटी है।

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