नई दिल्ली। वैश्विक तकनीक जगत से एक ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है, जहां माइक्रोसॉफ्ट ने शेयर बाजार के इतिहास में ऐसा अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनाया है जो पहले कभी नहीं देखा गया था। कंपनी ने एक ही कारोबारी सत्र के दौरान अपने बाजार पूंजीकरण में लगभग 450 अरब डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में करीब 39 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम बढ़ोतरी दर्ज की है। इस शानदार उछाल के दम पर माइक्रोसॉफ्ट ने एआई चिप निर्माता कंपनी एनवीडिया को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी का प्रतिष्ठित स्थान एक बार फिर हासिल कर लिया है।
तिमाही नतीजों के बाद शेयरों में नौ फीसदी की जोरदार तेजी
कंपनी के शानदार वित्तीय नतीजों के सामने आने के बाद निवेशकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया, जिसके परिणामस्वरूप माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में करीब नौ फीसदी की जबरदस्त तेजी देखने को मिली। इस तेज उछाल के पीछे मुख्य वजह माइक्रोसॉफ्ट के क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म 'एज्यूर' का बाजार की उम्मीदों से कहीं अधिक बेहतर प्रदर्शन करना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के कारोबार में आई मजबूत बढ़त रही है, जिसने निवेशकों को खासा प्रभावित किया है।
एआई पर किया गया भारी-भरकम निवेश अब लाने लगा है रंग
पिछले एक साल से वैश्विक निवेशकों के बीच यह बड़ी चिंता बनी हुई थी कि माइक्रोसॉफ्ट सहित दुनिया की तमाम बड़ी टेक कंपनियां एआई तकनीक पर जरूरत से ज्यादा खर्च कर रही हैं। कंपनी ने डेटा सेंटर्स, अत्याधुनिक एआई चिप्स और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर अरबों डॉलर का भारी निवेश किया था, जिससे विश्लेषकों को आशंका थी कि इससे कंपनी के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, हालिया तिमाही नतीजों ने इन तमाम चिंताओं को पूरी तरह खारिज कर दिया और यह साबित कर दिया कि एआई पर किया गया भारी निवेश अब तेजी से कमाई और मुनाफे में तब्दील हो रहा है।
कई देशों के कुल शेयर बाजार से भी बड़ी एक दिन की यह छलांग
माइक्रोसॉफ्ट द्वारा एक ही दिन में हासिल की गई यह बाजार पूंजीकरण की बढ़त इतनी विशाल है कि इसकी तुलना कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं से की जा रही है। जानकारों के अनुसार, कंपनी ने एक दिन में जितनी वैल्यू जोड़ी है, वह दक्षिण अफ्रीका, वियतनाम और तुर्की जैसे देशों के पूरे शेयर बाजार के कुल आकार से भी अधिक है। शेयर बाजार के पूरे इतिहास में किसी भी एकल कंपनी द्वारा एक दिन में दर्ज की गई यह अब तक की सबसे बड़ी मार्केट कैप बढ़ोतरी है, जिसने पूरे टेक सेक्टर में एआई निवेश को लेकर एक नया विश्वास जगाया है।


