फुटबॉल के मैदान पर इतिहास एक बार फिर खुद को दोहराता हुआ नजर आ रहा है। नीदरलैंड्स की फुटबॉल टीम का पेनल्टी शूटआउट का पुराना डर एक बार फिर उनके सामने आ गया, जिसके कारण वे फीफा वर्ल्ड कप-2026 से बाहर हो गए हैं। सोमवार को खेले गए एक बेहद रोमांचक मुकाबले में मोरक्को ने नीदरलैंड्स को पेनल्टी शूटआउट में हराकर टूर्नामेंट से विदा कर दिया। यह फुटबॉल इतिहास में चौथी बार है जब डच (नीदरलैंड्स) टीम पेनल्टी शूटआउट में हारकर विश्व कप से बाहर हुई है।
निर्धारित और स्टॉपेज टाइम के खत्म होने तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं। इसके बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट के जरिए हुआ, जहाँ मोरक्को ने अपनी पांच में से तीन पेनल्टी को गोल में बदला, जबकि नीदरलैंड्स की टीम केवल दो गोल ही कर सकी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ मोरक्को ने राउंड-16 का टिकट कटा लिया है।
मैदान पर दिखी कांटे की टक्कर
दोनों ही टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक और रक्षात्मक खेल का बेहतरीन संतुलन दिखाया। पहले हाफ तक कोई भी टीम खाता नहीं खोल सकी। दूसरे हाफ में भी दोनों ओर से गोल करने के कई शानदार प्रयासों को डिफेंडर्स ने नाकाम किया। हालांकि, मैच के 72वें मिनट में कोडी कगपो ने एक बेहतरीन मूव बनाते हुए नीदरलैंड्स के लिए पहला गोल दागा। 90 मिनट का समय बीत जाने के बाद भी मोरक्को की टीम कोई गोल नहीं कर पाई थी और डच टीम की जीत तय लग रही थी।
आखिरी पलों का रोमांच और बराबरी का गोल
स्टॉपेज टाइम का जादू:
जब मैच अपने अंतिम पलों में था, तब मोरक्को ने अपनी रणनीति बदलते हुए कुछ खिलाड़ियों को रिप्लेस किया। स्टॉपेज टाइम के दौरान चेम्सडिने तल्बी ने बाईं तरफ से एक सटीक पास डिफेंडर इसा डियोप की ओर बढ़ाया। डियोप ने बिना कोई गलती किए गेंद को सीधे नेट के भीतर डाल दिया और स्कोर 1-1 से बराबर करके मैच को पेनल्टी शूटआउट में खींच दिया।
पेनल्टी शूटआउट का पूरा रोमांच
नीदरलैंड्स ने टॉस जीतकर पहले पेनल्टी लेने का विकल्प चुना। डच टीम की तरफ से टेयुन कूपमेइनर्स ने पहली पेनल्टी को सफलतापूर्वक गोल में बदला। इसके बाद मोरक्को के आयनोई अपना पहला मौका चूक गए, जिससे नीदरलैंड्स 1-0 से आगे हो गया।
रोमांच तब बढ़ा जब नीदरलैंड्स के अगले खिलाड़ी जस्टीन क्लूवर्ट गोल करने में असफल रहे, जबकि मोरक्को के साउफिने रहिमी ने गोल दागकर अपनी टीम को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। इसके बाद वाउट वेगहोर्स्ट (नीदरलैंड्स) और ताल्बी (मोरक्को) दोनों ने अपनी-अपनी पेनल्टी पर गोल किए। इसके बाद क्विटेन टिम्बर (नीदरलैंड्स) और अचरफ हकीमी (मोरक्को) दोनों ही मौके चूक गए, जिससे स्कोर 2-2 पर फंसा रहा।
आखिरी और निर्णायक पेनल्टी में नीदरलैंड्स के क्रायसेंसियो समरविले गोल करने से चूक गए, लेकिन मोरक्को के इस्माइल साईबारी ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया और मोरक्को को एक यादगार जीत दिला दी।


