भूना | गुरुग्राम से अपने भतीजे के जन्मदिवस समारोह में शामिल होने आए एक युवक की मंगलवार देर रात अपराधियों ने धारदार हथियारों से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। हमलावरों ने मोटरसाइकिल से जा रहे युवक को रास्ते में घेर लिया और पहले उसके साथ जमकर मारपीट की। इसके बाद धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार करने के बाद क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसके ऊपर गाड़ी भी चढ़ा दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) नरसिंह और सीआईए की टीम भारी बल के साथ मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
मुखबिरी के शक में अपराधियों ने रास्ते से किया अगवा
मृतक की पहचान भूना के वार्ड संख्या पांच के रहने वाले तेईस वर्षीय सचिन कुमार के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में इस जघन्य हत्याकांड का आरोप विक्रम भांभू गैंग के गुर्गों पर लगा है। बताया जा रहा है कि इस आपराधिक गिरोह को शक था कि सचिन पुलिस के लिए उनकी जासूसी और मुखबिरी करता था। मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे जब सचिन अपने एक दोस्त के साथ बाइक पर सवार होकर शहर की तरफ जा रहा था, तभी शहीद उधम सिंह चौक के पास बदमाशों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। इसके बाद वाल्मीकि चौक के पास उसे जबरन रोककर अगवा कर लिया गया।
बर्बरतापूर्वक हाथ-पैर तोड़े, फिर शरीर पर चढ़ा दी गाड़ी
अपराधी सचिन को अगवा कर हिसार रोड की तरफ ले गए, जहां उन्होंने उस पर जानलेवा हमला बोल दिया। बदमाशों ने बेरहमी से पीटकर पहले उसके हाथ-पैर तोड़ दिए और फिर उसकी गर्दन व छाती पर नुकीले व धारदार हथियारों से कई गहरे वार किए। इतने से भी जब मन नहीं भरा, तो तड़पते हुए सचिन के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देकर सभी हमलावर वहां से भाग निकले। स्थानीय निवासियों द्वारा आपातकालीन सेवा डायल-एक सौ बारह पर सूचना दिए जाने के बाद पुलिस ने मृतक के पिता राजबीर की तहरीर पर दस नामजद और पच्चीस अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गुरुग्राम की निजी कंपनी में कार्यरत था होनहार बेटा
सचिन के आकस्मिक निधन से उसके परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों के मुताबिक, उसके पिता राजबीर सिंह मजदूरी करके घर चलाते हैं। परिवार में तीन भाई-बहनों में सचिन दूसरे स्थान पर था, जबकि उसकी एक बड़ी बहन और एक छोटा भाई सुनील कुमार है। तीनों अभी अविवाहित हैं। सचिन पहले स्थानीय कॉलेज से बीए की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उसने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी और गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में नौकरी करने लगा था। फिलहाल पुलिस की कई टीमें फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।


