मुंबई: बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता मुकेश खन्ना ने दिल्ली में आयोजित विरोध-प्रदर्शन के दौरान की गई त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की जमकर सराहना की है। उनकी यह प्रतिक्रिया 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके और उनके दो साथियों को हिरासत में लिए जाने के बाद सामने आई है। उल्लेखनीय है कि सीजेपी संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहा था।
मुकेश खन्ना ने सरकार और प्रशासन की तारीफ में क्या कहा?
अभिनेता मुकेश खन्ना ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए सरकार के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राजधानी दिल्ली में जो प्रशासनिक कदम उठाए गए, उससे वह काफी संतुष्ट हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग एक दिन पहले तक सरकार के सुरक्षा इंतजामों का उपहास उड़ा रहे थे और अनर्गल बयानबाजी कर रहे थे, अगले ही दिन उन्हें पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हिरासत में ले लिया।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी पर भी साधा निशाना
अभिनेता ने यूट्यूबर और इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी बातें करने वाले लोग बेंगलुरु में बैठकर तस्वीरें खिंचवा रहे थे और जनता से विरोध में शामिल होने की अपील कर रहे थे, जबकि प्रशासनिक सख्ती के सामने उनकी एक न चली और प्रदर्शन की योजना पूरी तरह असफल हो गई।
कड़े सुरक्षा इंतजामों और पुलिस बल का जताया समर्थन
कार्रवाई का समर्थन करते हुए वरिष्ठ अभिनेता ने कहा कि अराजकता या अराजक तत्वों से निपटने के लिए कभी-कभी प्रशासन को सख्त रवैया अपनाना पड़ता है। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्यकुशलता और मजबूत सुरक्षा चक्र की खुले तौर पर तारीफ करते हुए कहा कि मुस्तैदी के कारण किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या बड़ा उपद्रव नहीं हो सका।
क्या हैं सीजेपी की प्रमुख मांगें?
मुकेश खन्ना का यह बयान सीजेपी के उस राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के आह्वान के बाद आया है, जिसमें संगठन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। संगठन का दावा है कि मतदाता सूची से नाम हटाने में गड़बड़ी की गई है, और वे इस पूरी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
अभिजीत दिपके और दोनों सहयोगी जमानत पर रिहा
इसी बीच, सीजेपी के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके, उनके सहयोगी सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार को कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सभी पहलुओं पर विचार करने के उपरांत अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को कुछ तय शर्तों के साथ 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश जारी कर दिया है।


