जबलपुर: जबलपुर शहर के भीतर आम नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने और विकास कार्यों की गति तेज करने के लिए नगर पालिक निगम सख्त रुख अपना रहा है। इसी सिलसिले में निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने 'अमृत फेज़ 2.0' योजना के तहत चल रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर आयुक्त अशफाक परवेज कुरैशी, अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव सहित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि और तकनीकी अधिकारी शामिल हुए। निगमायुक्त ने साफ लहजे में हिदायत दी कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खोदी गई सड़कों की मरम्मत और पानी टंकियों का निर्माण प्राथमिकता
अमृत योजना के अंतर्गत शहर के कई इलाकों में नई पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। पाइपलाइन के लिए खोदे गए रास्तों की वजह से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को आ रही दिक्कतों को देखते हुए निगमायुक्त ने कड़े निर्देश दिए हैं:
सड़क सुधार कार्य (रोड री-स्टोरेशन): पाइपलाइन डालने के बाद प्रभावित रास्तों को दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर तुरंत शुरू किया जाए।
पेयजल आपूर्ति का विस्तार: शहर के वॉटर नेटवर्क को मजबूत करने और हर घर तक शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए निर्माणाधीन 2 ओवरहेड वाटर टैंक (उच्च स्तरीय पानी की टंकियों) का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों पर गिरेगी गाज
बैठक के दौरान निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की रफ्तार और उनकी गुणवत्ता (क्वालिटी) से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा:
"यदि कोई भी ठेकेदार या निर्माण एजेंसी तय समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने में नाकाम रहती है या काम में लापरवाही बरतती है, तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
इसके साथ ही उन्होंने तकनीकी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केवल दफ्तर में न बैठें, बल्कि फील्ड में जाकर नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें ताकि धरातल पर हो रहे काम में पूरी पारदर्शिता बनी रहे।


