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    सोनम से भी शातिर निकली दीपा: प्रेमी संग पति की हत्या, पुलिस की सूझबूझ से हुआ पर्दाफाश

    भरतपुर के नगर कस्बे में वर्ष 2022 में हुए चर्चित जितेन्द्र हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निखिल सिंह ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए मृतक की पत्नी दीपा और उसके प्रेमी दीपक सैनी को आजीवन कारावास और दोनों को 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना अदा ना करने पर दोनों को 6-6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

    अर्चना की गवाही से खुलीं साजिश की परतें

    94 पृष्ठों में विस्तृत इस निर्णय में न्यायालय ने 33 गवाहों के बयान और 47 दस्तावेजों के आधार पर दोष सिद्धि की। प्रकरण में मृतक जितेन्द्र की नाबालिग पुत्री अर्चना की गवाही निर्णायक रही, जिसने स्पष्ट रूप से अदालत को बताया कि उसकी मां दीपा और दीपक सैनी ने मिलकर पिता की हत्या की थी।

    प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह

    प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक दीनदयाल गर्ग ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष से अधिवक्ता मुरारीलाल शर्मा, अधिवक्ता प्रतीक श्रीवास्तव भरतपुर एवं अधिवक्ता राजवीर गुर्जर मौजूद रहे। अदालती दस्तावेजों के अनुसार दीपा और दीपक के बीच अवैध संबंध थे। दीपक ने मृतक जितेन्द्र की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक दुकान पर इंटरनेट कैमरा लगवाया और मोबाइल से नजर रखता रहा। जैसे ही वह जानता कि जितेन्द्र फल की ठेली से घर आ रहा है, वह पहले ही वहां से निकल जाता और रात्रि में चोरी-छिपे दीपा से मिलने जाता था।

    यह था घटनाक्रम

    घटना 2022 की एक रात की है। दीपक, जो दीपा का प्रेमी और मृतक जितेन्द्र का दूर का रिश्तेदार बताया गया। रात में मृतक के घर पहुंचा। उसने दरवाजे पर दस्तक दी। आवाज सुनकर मृतक की पत्नी दीपा चुपचाप उठी और बिना शोर किए दरवाजा खोल दिया।

    इसी दौरान मृतक की नाबालिग पुत्री अर्चना की नींद टूट गई। उसने देखा कि दीपक घर के अंदर आ चुका है और उसकी मां दीपा के साथ बातचीत कर रहा है। कुछ ही देर में दीपा और दीपक ने घर में साफ-सफाई में उपयोग होने वाले पोंछा, जो पाजामे के कपड़े से बना हुआ था, से जितेन्द्र का गला दबा दिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाठी, डंडे और चाकू से उस पर हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    दीपा ने पुलिस को 100 नंबर पर फोन कर यह झूठा बयान दिया कि रात में सोते समय उसके पति की कोई हत्या कर गया है। बेटी अर्चना की जागरूकता और बहादुरी से पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। न्यायालय ने मृतक की नाबालिग पुत्रियों अर्चना, काजल को पीड़ित प्रतिकर योजना में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भरतपुर को संस्तुति भेजने के निर्देश दिए हैं।

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