पानीपत। हरियाणा के पानीपत में आज तड़के राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक विशेष टीम ने अचानक छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया। केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने शहर की किशनपुरा कॉलोनी में रहने वाले एक दवा कारोबारी के घर पर सुबह-सुबह दस्तक दी। जांच टीम ने स्थानीय व्यापारी को अपनी कस्टडी में लेकर करीब दो घंटे तक गहन पूछताछ की। इस आकस्मिक कार्रवाई से पूरी कॉलोनी और स्थानीय व्यापारिक जगत में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन और गिरोह से जुड़ाव की आशंका
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले थे कि उक्त दवा कारोबारी के बैंक खाते से लगभग आठ महीने पहले एक बेहद संदिग्ध वित्तीय लेनदेन (ट्रांजेक्शन) किया गया था। इस संदिग्ध रकम के तार देश विरोधी गतिविधियों या किसी बड़े अंतरराज्यीय अपराधी गिरोह से जुड़े होने का अंदेशा जताया जा रहा है। इसी सिलसिले में कड़ियों को जोड़ने और फंडिंग के मुख्य स्रोत का पता लगाने के लिए एनआईए की टीम ने यह दबिश दी थी।
दो घंटे तक खंगाले गए डिजिटल दस्तावेज और यूपीआई खाते
अधिकारियों की यह टीम मंगलवार सुबह ठीक पांच बजे किशनपुरा स्थित दवा व्यापारी के आवास पर पहुंची थी। घर के सभी कोनों की तलाशी लेने के साथ ही टीम ने कारोबारी के मोबाइल फोन, डिजिटल दस्तावेज, बैंक खातों की पासबुक और ऑनलाइन यूपीआई (UPI) पेमेंट्स के ब्योरे को बारीकी से खंगाला। करीब दो घंटे तक चली इस मैराथन पूछताछ के बाद सुबह आठ बजे केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी वहां से रवाना हो गए।
बैंक डिटेल्स अपने साथ ले गई टीम और जांच जारी
भले ही दो घंटे की तफ्तीश के बाद एनआईए की टीम वापस लौट गई, लेकिन वह दवा व्यापारी के बैंक खातों से जुड़े तमाम जरूरी दस्तावेज, स्टेटमेंट और वित्तीय डिटेल अपने साथ ले गई है। हालांकि, जांच एजेंसी की तरफ से अभी तक आधिकारिक तौर पर इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि यह पूरा मामला किस विशिष्ट केस या आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क की तफ्तीश से जुड़ा हुआ है। फिलहाल इस मामले की आगे की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।


