नागपुर। महाराष्ट्र के मत्स्य पालन मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों पर देश में अराजकता फैलाने और हिंदू धर्म के खिलाफ शरिया लागू करने का षड्यंत्र रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष 'रेजीम चेंज' यानी सत्ता परिवर्तन के जरिए ऐसा एजेंडा चलाना चाहता है।
संविधान और शरिया के बीच संघर्ष का दावा
नागपुर के महल क्षेत्र में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के 'युवा शंखनाद' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राणे ने कहा कि वर्तमान समय में देश के भीतर अराजकता फैलाकर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान को समाप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इस वैचारिक स्थिति को 'संविधान और शरिया के बीच की लड़ाई' करार दिया और आरोप लगाया कि 'गजवा-ए-हिंद' की सोच के तहत वर्ष 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र में बदलने की कोशिश की जा रही है।
राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक पर तीखा हमला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के अन्य नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ये लोग केवल सत्ता परिवर्तन की मांग कर रहे हैं, जिसका असली मकसद लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करना और संविधान को नष्ट करना है। इसके साथ ही उन्होंने शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और विधायक आदित्य ठाकरे पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार गिराना वड़ा पाव की दुकान चलाने जितना आसान काम नहीं है।
औरंगजेब पोस्ट विवाद और पाकिस्तान पर बयान
नागपुर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान राणे ने एआईएमआईएम की मुंब्रा पार्षद सहर शेख द्वारा मुगल शासक औरंगजेब के समर्थन में की गई कथित इंस्टाग्राम पोस्ट पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यदि पार्षद को औरंगजेब से इतना ही लगाव है, तो उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए। राणे ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह भूमि छत्रपति शिवाजी महाराज की है, जिन्होंने मुगलों को हराकर हिंदवी स्वराज स्थापित किया था और ऐसे राष्ट्रविरोधी तत्वों को सबक सिखाना वे अच्छी तरह जानते हैं।
एसआईआर प्रक्रिया का समर्थन और कुंभ मेले पर सवाल
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक है ताकि कोई भी घुसपैठिया मतदाता सूची में शामिल न हो सके। इसके अलावा, राणे ने राकांपा (शरदचंद्र पवार) नेता रोहित पवार द्वारा कुंभ मेले के खर्च पर उठाए गए सवालों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने पलटवार करते हुए पूछा कि रोहित पवार हज यात्रा के खर्च और रमजान के दौरान होने वाले हंगामे पर चुप्पी क्यों साधे रहते हैं।



