लुधियाना। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता नितिन नबीन के पंजाब प्रवास का आज आखिरी दिन है। अपने इस दौरे के अंतिम चरण में वे लुधियाना शहर में स्थानीय पदाधिकारियों और सक्रिय कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक समीक्षा बैठक को संबोधित करेंगे। इससे पहले, रविवार को आयोजित सब सर्किल कार्यकर्ता सम्मेलन के मंच से उन्होंने आगामी चुनावों के मद्देनजर कार्यकर्ताओं में नया जोश फूंकते हुए पूरी शिद्दत से जमीनी स्तर पर जुटने का आह्वान किया। उन्होंने रेखांकित किया कि पंजाब की जागरूक जनता ने अलग-अलग कालखंड में कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी जैसी क्षेत्रीय व राष्ट्रीय पार्टियों को शासन का पूरा मौका दिया है, लेकिन उम्मीदों पर खरा न उतरने के कारण अब राज्य में भाजपा को एक अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार वर्ष 2047 तक संपूर्ण भारतवर्ष के साथ-साथ पंजाब को भी एक अग्रणी और पूर्ण विकसित सूबा बनाने के व्यापक विजन पर कार्य कर रही है, जिसके लिए एक मजबूत रोडमैप पहले ही तैयार किया जा चुका है ताकि राज्य के प्राचीन गौरव को फिर से स्थापित किया जा सके।
मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला और डबल इंजन सरकार का दावा
जनसभा को संबोधित करते हुए नितिन नबीन ने सूबे के मुख्यमंत्री भगवंत मान की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान प्रदेश सरकार गुरुओं के पवित्र उपदेशों और सिख पंथ की महान मर्यादाओं का लगातार अनादर कर रही है। उन्होंने मौजूदा शासन को पंजाब की प्रगति के मार्ग में एक बड़ा अवरोध बताते हुए कहा कि अब राज्य की कमान बदलने का सही समय आ गया है। उन्होंने विश्वास प्रकट किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में निश्चित तौर पर पूर्ण बहुमत के साथ डबल इंजन की सरकार का गठन होगा, जो पंजाब में चहुंमुखी विकास के एक नए युग का सूत्रपात करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी का पंजाब प्रेम और बूथ स्तर पर संगठन मजबूती का मंत्र
भाजपा नेता ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन में पंजाब और यहां की संस्कृति के प्रति अगाध स्नेह है, और इसी के प्रतिफल स्वरूप पंजाब की जनता का अटूट विश्वास भी प्रधानमंत्री की कल्याणकारी नीतियों पर लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने वहां उपस्थित कार्यकर्ताओं को चुनावी जीत का मूल मंत्र देते हुए कहा कि वे बूथ स्तर पर जाकर सांगठनिक ढांचे को अभेद्य बनाएं और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े प्रत्येक परिवार से सीधा संपर्क साधें। इसके साथ ही, उन्होंने कार्यकर्ताओं से वर्तमान सरकार की प्रशासनिक विफलताओं और जनविरोधी फैसलों को प्रामाणिकता के साथ जनता की अदालत में ले जाने की अपील की। उन्होंने पार्टी के सुनहरे सफर का जिक्र करते हुए याद दिलाया कि वर्ष 1984 में संसद में भाजपा के पास केवल दो सीटें थीं, लेकिन आज बीते 12 वर्षों से पार्टी केंद्र की सत्ता संभाल रही है, इसलिए पंजाब में भी यह राजनीतिक परिवर्तन होकर रहेगा क्योंकि पार्टी यहां महाराजा रणजीत सिंह के 'सुशासन मॉडल' को धरातल पर उतारना चाहती है।
करोड़ों के कर्ज पर चिंता और औद्योगिक नगरी लुधियाना में भव्य स्वागत
वित्तीय कुप्रबंधन का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पंजाब के विकास के लिए 1.87 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि आवंटित की गई थी, लेकिन जमीन पर उसका सही और पारदर्शी उपयोग नहीं किया गया। नतीजा यह हुआ कि आज राज्य पर चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का विशाल कर्ज का बोझ लद चुका है। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि जनता के इस एक-एक पैसे का पूरा हिसाब लिया जाएगा। इससे पहले, लुधियाना आगमन पर जालंधर बाईपास चौक के पास पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उनका ढोल-नगाड़ों के साथ ऐतिहासिक स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने पार्टी के नए जिला कार्यालय का फीता काटकर उद्घाटन किया और क्षेत्र के प्रतिष्ठित उद्योगपतियों के साथ संवाद कर पंजाब के औद्योगिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का पुख्ता आश्वासन दिया।


