More
    Homeराज्ययूपीनो एंट्री सिर्फ कागजों में? गौशाला मार्ग पर भारी वाहनों की धमाचौकड़ी...

    नो एंट्री सिर्फ कागजों में? गौशाला मार्ग पर भारी वाहनों की धमाचौकड़ी से शहर बेहाल

    हाथरस। शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने के बावजूद गौशाला मार्ग पर रोजाना लगने वाला भीषण जाम प्रशासनिक दावों की पोल खोल रहा है। हालात ऐसे हैं कि स्कूल बसों से लेकर एंबुलेंस तक घंटों जाम में फंसी रहती हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ दिखाई देता है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में भारी वाहनों की नो एंट्री होने के बावजूद बिजली कॉटन मिल चौराहे से ट्रक और अन्य बड़े वाहन बेरोकटोक शहर में प्रवेश कर रहे हैं। यही कारण है कि गौशाला मार्ग दिनभर जाम की गिरफ्त में रहता है। बड़े वाहन जैसे ही इस संकरे मार्ग पर पहुंचते हैं, दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और पूरा यातायात ठप हो जाता है।शहरवासियों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और अस्पताल जाने वाले मरीजों को उठानी पड़ रही है। कई बार एंबुलेंस तक जाम में फंस जाती हैं, जिससे मरीजों की जान पर भी बन आती है।प्रशासन समय-समय पर शहर को जाम मुक्त बनाने और नो एंट्री का सख्ती से पालन कराने के दावे करता है, लेकिन धरातल पर तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई देती है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है, तो आखिर रोजाना दर्जनों ट्रक किसकी अनुमति से शहर के भीतर प्रवेश कर रहे हैं?शहर में यह भी चर्चा है कि इस पूरे मामले को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। इन चर्चाओं ने यातायात व्यवस्था की निगरानी और नियमों के पालन को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।नागरिकों  ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि बिजली कॉटन मिल चौराहे पर स्थायी पुलिस व्यवस्था की जाए, सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाए और नो एंट्री का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि केवल इस एक प्रवेश बिंदु पर प्रभावी निगरानी कर दी जाए तो गौशाला मार्ग का वर्षों पुराना जाम काफी हद तक समाप्त हो सकता है।अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगा या फिर शहरवासी रोजाना इसी जाम का दंश झेलते रहेंगे। जनचर्चाओं और लगातार उठ रही शिकायतों ने पुलिस और प्रशासन के सामने यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here