More
    Homeराज्ययूपीपान मसाला फ्रेंचाइजी में गड़बड़ी पर अब मालिक भी होंगे जिम्मेदार

    पान मसाला फ्रेंचाइजी में गड़बड़ी पर अब मालिक भी होंगे जिम्मेदार

    लखनऊ|एक फरवरी से पान मसाला उद्योग में लागू किए गए नए नियमों ने पूरे सेक्टर की कार्यप्रणाली को सख्त निगरानी के दायरे में ला दिया है। अब तक किसी तरह की अनियमितता या कर चोरी पकड़े जाने पर मुख्य रूप से फैक्टरी चलाने वाली फ्रेंचाइजी पर कार्रवाई होती थी, लेकिन नए प्रावधानों के तहत अब ब्रांड मालिक भी जिम्मेदार ठहराए जा सकेंगे।इससे उद्योग में जवाबदेही बढ़ी है और बड़ी कंपनियों से लेकर क्षेत्रीय ब्रांड तक सतर्क हो गए हैं। पान मसाला निर्माण में आमतौर पर मशीन और ब्रांड का मालिक एक ही होता है, लेकिन व्यवहार में मशीनें फ्रेंचाइजी को किराये पर देकर उत्पादन कराया जाता है। पुराने नियमों में मशीन का संचालन करने वाला ही मुख्य रूप से जिम्मेदार माना जाता था। नए बदलावों के बाद जांच एजेंसियों को यह अधिकार मिल गया है कि वे यह भी जांच कर सकें कि कहीं ब्रांड मालिक ने डमी व्यवस्था से किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर फ्रेंचाइजी तो नहीं चला रखी है। लखनऊ में पहली बार होगी राष्ट्रीय महिला तीरंदाजी प्रतियोगिता, 28 फरवरी और एक मार्च को होगा आयोजन सीएम योगी बोले: संपत्तियों के लंबित भुगतान वसूलने के लिए लागू करें ओटीएस योजना, डिफॉल्टरों को मिलेगी राहत यदि ऐसा पाया जाता है तो असली मालिक पर कार्रवाई की जा सकेगी। हालांकि मैनुअल और गैर-मैनुअल निर्माण को लेकर अभी कुछ अस्पष्टता है। कई छोटे निर्माता यह सवाल उठा रहे हैं कि पारंपरिक और अर्ध-स्वचालित इकाइयों पर नियमों को किस तरह लागू किया जाएगा। इंडस्ट्री को इस बात की भी आशंका है कि जीएसटी और जांच विभाग को मिले अधिकारों से भ्रष्टाचार की जड़ें और गहरी हो सकती हैं।

    सहायक इकाइयों पर भी सख्ती

    पान मसाला से जुड़ी घोषित और अघोषित दोनों तरह की एनसिलरी यूनिट्स (सहायक इकाइयों) को भी जांच के दायरे में लाया गया है। यानी कच्चे माल की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, प्रिंटिंग, फ्लेवर मिक्सिंग जैसी गतिविधियों से जुड़ी इकाइयों की भी निगरानी होगी। उद्योग में सबसे ज्यादा चर्चा मशीन स्पीड और उत्पादन क्षमता की घोषणा को लेकर है। जीएसटी नियमों में सख्ती के बाद राष्ट्रीय स्तर के दो बड़े ब्रांड ने अपनी मशीनों की क्षमता सार्वजनिक रूप से घोषित कर दी है। एक ब्रांड ने प्रति मिनट 1800 पाउच और दूसरे ने 1000 पाउच प्रति मिनट उत्पादन क्षमता बताई है। दोनों के बीच भारी अंतर को देखकर क्षेत्रीय और मध्यम स्तर के ब्रांडों में बेचैनी बढ़ गई है। उन्हें आशंका है कि यदि मशीन स्पीड और वास्तविक उत्पादन में अंतर पाया गया तो भारी जुर्माना और कार्रवाई हो सकती है।

    प्रमुख बदलाव

    – अनियमितता पाए जाने पर फ्रेंचाइजी के साथ ब्रांड मालिक भी होंगे जिम्मेदार
    – डमी फ्रेंचाइजी व्यवस्था की जांच और असली मालिक तक कार्रवाई का अधिकार
    – घोषित और अघोषित एनसिलरी यूनिट्स की जांच का प्रावधान
    – मशीन स्पीड और उत्पादन क्षमता की निगरानी पर जोर
    – कर चोरी रोकने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग और डाटा मिलान की व्यवस्था मजबूत

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here