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    राजस्थान से केरल तक ओम प्रकाश माथुर का सफर, अब संभालेंगे राज्यपाल की जिम्मेदारी

    तिरुवनंतपुरम/जयपुर। राजस्थान की धरा ने देश को कई कद्दावर राजनेता और रणनीतिकार दिए हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इसी कड़ी में अब पाली जिले के रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश माथुर का नाम एक और बड़े मुकाम के साथ जुड़ गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में किए गए राज्यपालों के फेरबदल के तहत ओम प्रकाश माथुर को केरल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। जुलाई 2024 में सिक्किम के राज्यपाल के रूप में जिम्मेदारी संभालने के बाद अब उन्हें दक्षिण भारत के इस महत्वपूर्ण राज्य की कमान सौंपी गई है, जिससे पूरे राजस्थान, विशेषकर पाली और मारवाड़ अंचल में जश्न का माहौल है।

    राजनीतिक सफर और शुरुआती पृष्ठभूमि

    ओम प्रकाश माथुर का जन्म 2 जनवरी 1952 को राजस्थान के पाली जिले की बाली तहसील के फालना के पास बेडल गांव में हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने जयपुर स्थित प्रतिष्ठित राजस्थान विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र व अन्य विषयों में उच्च शिक्षा प्राप्त की। छात्र जीवन से ही वे सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने खुद को पूर्ण रूप से समाज सेवा और संगठन के कार्यों के लिए समर्पित कर दिया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में कार्य किया।पूर्व उपराष्ट्रपति एवं राजस्थान के दिग्गज नेता स्वर्गीय भैरों सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में राजनीति की बारीकियां सीखने वाले माथुर ने अपनी असाधारण संगठनात्मक क्षमता के बल पर पार्टी में एक मजबूत और स्वतंत्र वजूद कायम किया।

    प्रमुख संगठनात्मक और प्रशासनिक भूमिकाएं

    • गुजरात बीजेपी के मुख्य रणनीतिकार: संघ प्रचारक के रूप में कार्य करने के बाद उन्हें गुजरात बीजेपी का संगठन महामंत्री और प्रभारी बनाया गया। गुजरात में पार्टी के संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है।

    • राजस्थान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष: वे राजस्थान भाजपा के प्रमुख स्तंभों में रहे हैं और प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उन्होंने कार्यकर्ताओं का एक विशाल नेटवर्क तैयार किया।

    • राज्यसभा सांसद: संगठन में उनके दीर्घकालिक योगदान को देखते हुए उन्हें जून 2016 में राजस्थान से राज्यसभा सांसद चुना गया, जहां उन्होंने संसद के उच्च सदन में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।

    • सिक्किम से केरल तक का सफर: राष्ट्रपति द्वारा 27 जुलाई 2024 को उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। सिक्किम में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई ऐतिहासिक पहल कीं, जिनमें जून 2025 में कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाना और अक्टूबर 2025 में चीन सीमा से लगे डोकलाम दर्रे पर तैनात भारतीय सेना के जवानों के साथ दीपावली मनाना शामिल है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी संगठनात्मक दक्षता, सौम्य स्वभाव और लंबे प्रशासनिक अनुभव का लाभ अब केरल राज्य को मिलेगा। उनकी इस नियुक्ति पर राजस्थान के मुख्यमंत्री सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है।

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