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    विपक्षी INDIA-ब्लॉक सांसदों का संसद से EC तक ‘वोट चोरी’ विरोध मार्च

    नई दिल्ली।  विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने आज नई दिल्ली में निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक ‘वोट चोरी’ के खिलाफ प्रस्तावित मार्च की तैयारी की है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि इस रैली के लिए कोई औपचारिक अनुमति नहीं मांगी गई। राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाले इस विरोध प्रदर्शन में विपक्ष बिहार और कर्नाटक में मतदाता सूची में कथित हेराफेरी और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को उठाने जा रहा है। पुलिस ने निर्वाचन सदन के आसपास कड़ी सुरक्षा और बैरिकेडिंग की है, जिससे मार्च को लेकर तनाव बढ़ गया है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने सोमवार, 11 अगस्त को नई दिल्ली में ECI मुख्यालय तक प्रस्तावित ‘वोट चोरी’ मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं मांगी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रविवार तक इस रैली के लिए कोई औपचारिक आवेदन प्राप्त नहीं हुआ था। इसके चलते, पुलिस ने मार्च की अनुमति देने की संभावना से इनकार किया है और निर्वाचन आयोग भवन के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लगा दी है।

    INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन

    विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक, जिसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके, राजद, एनसीपी (शरद पवार गुट), शिवसेना (UBT), और नेशनल कॉन्फ्रेंस जैसे 25 से अधिक दल शामिल हैं, उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों में कथित ‘वोट चोरी’ और बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विरोध दर्ज करने के लिए यह मार्च आयोजित किया है। इस मार्च का नेतृत्व कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी करेंगे। मार्च सुबह 11:30 बजे संसद भवन के मकर द्वार से शुरू होकर परिवहन भवन के रास्ते निर्वाचन सदन तक जाएगा। इसमें लोकसभा और राज्यसभा के लगभग 300 सांसद हिस्सा लेंगे।

    राहुल गांधी का आरोप

    राहुल गांधी ने आयोग पर भाजपा के साथ मिलकर ‘वोट चोरी’ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने विशेष रूप से कर्नाटक के बेंगलुरु सेंट्रल के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 फर्जी वोट होने का दावा किया, जिसमें डुप्लीकेट वोटर, अमान्य पते, और फॉर्म-6 के दुरुपयोग जैसे मुद्दे शामिल हैं। राहुल ने सोशल मीडिया पर लिखा- ‘वोट चोरी ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के सिद्धांत पर हमला है। स्वच्छ मतदाता सूची स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करने की मांग की है ताकि लोग और राजनीतिक दल उसका ऑडिट कर सकें। इसके लिए कांग्रेस ने एक वेब पोर्टल (votechori.in/ecdemand) और एक फोन नंबर भी लॉन्च किया है।

    कर्नाटक और बिहार में मतदाता सूची विवाद

    कांग्रेस ने कर्नाटक के महादेवपुरा में 1,00,250 फर्जी वोट का दावा किया है, जिसमें 11,965 डुप्लीकेट वोटर, 40,009 फर्जी/अमान्य पते, 10,452 बल्क वोटर, 4,132 अमान्य फोटो वाले वोटर, और 33,692 फॉर्म-6 के दुरुपयोग से जुड़े वोटर शामिल हैं। वहीं, बिहार में SIR प्रक्रिया के तहत लाखों मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप है, जिसे विपक्ष ने मताधिकार पर हमला बताया है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में विपक्ष ने बिहार में 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया, जिसे आयोग ने खारिज किया है।

    चुनाव आयोग और BJP का पलटवार

    आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें शपथ पत्र के साथ सबूत पेश करने या माफी मांगने को कहा है। आयोग ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया नियमों के तहत होती है, जिसमें मतदाताओं को सुनवाई का मौका दिया जाता है।कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने गांधी से पिछले लोकसभा चुनाव में एक मतदाता द्वारा दो बार वोट डालने के दावे के समर्थन में दस्तावेज मांगे हैं। दूसरी ओर, BJP ने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और हार की बौखलाहट में झूठ फैलाने का आरोप लगाया है।

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