बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर के तिफरा क्षेत्र में स्थित न्यू जनता अस्पताल से सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ महज 200 रुपये के मामूली मेडिकल बिल के भुगतान को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि पट्टी (ड्रेसिंग) कराने आए एक मरीज और उसके साथी ने अस्पताल में जमकर खूनी तांडव मचाया। आरोपियों ने न सिर्फ बिल चुकाने से साफ मना कर दिया, बल्कि अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों को डराने के लिए धारदार चाकू निकाल लिया। इसके बाद आरोपियों ने अस्पताल परिसर पर बाहर से ताबड़तोड़ पथराव किया, जिससे अस्पताल की खिड़कियों के कांच टूट गए और कुछ कर्मचारी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
रात के सन्नाटे में ₹200 के पीछे शुरू हुई बहस
सिरगिट्टी थाना पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, बोरी फैक्ट्री (तिफरा) के पास रहने वाले नारायण मिश्रा न्यू जनता अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के पद पर तैनात हैं। उन्होंने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि 15 जून की आधी रात को वह अस्पताल में अपनी रूटीन ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान रात करीब 12:20 बजे दो युवक इलाज और ड्रेसिंग कराने के उद्देश्य से अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे।
उपचार पूरा होने के बाद जब काउंटर पर तैनात कर्मचारी वाशु और प्रियंका ने उनसे ₹200 का बिल देने को कहा, तो दोनों युवक बिफर गए और पैसे देने को लेकर बदतमीजी करने लगे। अस्पताल के भीतर शोर-शराबा और विवाद बढ़ता देख जब गार्ड नारायण मिश्रा ने बीच-बचाव करने और उन्हें शांत रहने की सलाह दी, तो दोनों युवक आपा खो बैठे और गार्ड को भद्दी-भद्दी गालियां देने लगे।
गार्ड पर लहराया चाकू, दी जान से मारने की धमकी
विवाद के दौरान ही एक आरोपी ने अपनी जेब से अचानक एक चमचमाता हुआ धारदार चाकू निकाल लिया और उसे हवा में लहराते हुए गार्ड नारायण मिश्रा की गर्दन पर अड़ा दिया। आरोपियों ने चीखते हुए गार्ड को सरेआम जान से मारने की धमकी दी और पूरे स्टाफ में खौफ पैदा कर दिया। इसके बाद दोनों आरोपी गाली-गलौज करते हुए अस्पताल की बिल्डिंग से बाहर निकल गए।
बाहर निकलते ही बरसाए पत्थर, कांच टूटने से स्टाफ लहूलुहान
सुरक्षा गार्ड ने पुलिस को बताया कि अस्पताल के मुख्य गेट से बाहर कदम रखते ही आरोपियों ने सड़क से बड़े-बड़े पत्थर उठाकर अस्पताल की बिल्डिंग पर बरसाने शुरू कर दिए। ताबड़तोड़ हुई पत्थरबाजी के कारण अस्पताल के सामने लगे महंगे कांच टूटकर बिखर गए। पत्थरों के सीधे वार और उड़ते हुए कांच के नुकीले टुकड़े लगने की वजह से गार्ड नारायण मिश्रा सहित अंदर मौजूद स्टाफ को चोटें आईं।
इस पूरी हिंसक वारदात को अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉ. राजेश कुमार यादव और अन्य कर्मचारियों ने अपनी आंखों से देखा। घटना के बाद जब तफ्तीश की गई, तो हमलावर आरोपियों की शिनाख्त स्थानीय निवासी आदित्य बनसोड़ और युवराज के रूप में हुई।
आर्म्स एक्ट और बीएनएस की कड़क धाराओं में मामला दर्ज
पीड़ित गार्ड की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सिरगिट्टी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी आदित्य बनसोड़, युवराज और उनके कुछ अज्ञात साथियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट (हथियार निषेध कानून) की धारा 25 और 27 के तहत केस दर्ज किया है। इसके अलावा, नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296, 3(5), 324(4) और 351(3) के तहत भी मुकदमा कायम किया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।


