धमतरी। गरीबों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक संबल देने वाली आयुष्मान भारत योजना इन दिनों तकनीकी खामियों के चलते बेपटरी हो गई है। पिछले करीब 20 दिनों से पोर्टल ठप होने और पुराना डेटा न मिलने की वजह से मरीजों को मुफ्त इलाज का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पहचान का सत्यापन और क्लेम की मंजूरी न मिलने के कारण कई परिवारों को अपनी जेब से पैसे खर्च करके महंगे इलाज का खर्च उठाना पड़ रहा है। जिले में कुल 19 प्राइवेट अस्पतालों समेत कई सरकारी स्वास्थ्य संस्थान इस योजना के तहत रजिस्टर्ड हैं, जहाँ पात्र मरीजों को 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने का प्रावधान है।
पोर्टल पर दिख रहा ‘रिकॉर्ड नॉट फाउंड’
पड़ताल में सामने आया है कि नए डेटा में एपीआई के जरिए अलग मेंबर आईडी बन जाने की वजह से पुराने आयुष्मान कार्ड धारकों की पहचान में दिक्कत आ रही है। आधार या राशन कार्ड नंबर डालने पर पोर्टल पर सीधे ‘रिकॉर्ड नॉट फाउंड’ लिखा आ रहा है। इस तकनीकी बाधा के कारण मरीजों का वेरिफिकेशन और ट्रीटमेंट अप्रूवल अटक गया है। स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एजेंसियों के सामने इस ठप पड़े सिस्टम को जल्द से जल्द पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती है।
मरीजों और तीमारदारों की बढ़ गईं मुश्किलें
इलाज के लिए अस्पताल पहुँचे मरीजों के परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित परिजनों तिलोचन देवांगन और देशना ठाकुर ने बताया कि वे गंभीर रूप से बीमार मरीज को लेकर बस्तर रोड स्थित निजी अस्पताल पहुँचे थे, जहाँ अप्रूवल न मिलने पर उन्हें कैश देकर इलाज कराना पड़ा। गट्टासिल्ली गाँव के विनोद कुमार और मरकाटोला की कौशिल्या बाई ने भी अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि कार्ड होने के बावजूद पोर्टल पर नाम न दिखने के कारण उन्हें जेब से पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
नए कार्ड बनने का काम भी पूरी तरह ठप
धमतरी जिले में कुल 8 लाख 51 हजार 555 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य है, जिसमें से 8 लाख 8 हजार 908 लोगों के कार्ड बन चुके हैं (जो कुल लक्ष्य का लगभग 94.99 फीसदी है)। अभी भी 42,647 लोगों के कार्ड बनना बाकी हैं, लेकिन सर्वर और पोर्टल की खराबी के चलते नए कार्ड बनाने का काम भी पूरी तरह रुक गया है। इस संबंध में सीएमएचओ धमतरी डॉ. एके टोंडर का कहना है कि पोर्टल में सर्वर डाउन की समस्या आ रही है, जिसके समाधान के लिए उच्च कार्यालय से मार्गदर्शन मांगा जा रहा है ताकि जल्द से जल्द लोगों को योजना का लाभ मिल सके।


