नागपुर। मनपा के धरमपेठ ज़ोन में बाढ़ राहत कार्यों में हुई धांधली के बाद अब स्कूल भवनों और स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण में भी भ्रष्टाचार के नए मामले सामने आए हैं। धरमपेठ ज़ोन समिति सदस्य व पार्षद अभिजीत झा ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की शिकायत की है। आरोपों के घेरे में ज़ोन के पूर्व कार्यकारी अभियंता विजय गुरूबक्षानी हैं, जिन पर विवादित कार्यकाल के बावजूद मुख्यालय में अतिरिक्त प्रभार देने का आरोप लगाया गया है।
2 साल में ही दरकने लगा 2 करोड़ का स्कूल भवन
दस्तावेज़ों और शिकायत के मुताबिक, प्रभाग 13 स्थित सुरेंद्रगढ़ स्कूल भवन के निर्माण पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। लेकिन निर्माण के महज 2 साल के भीतर ही पूरी इमारत में सीपेज और बड़ी-बड़ी दरारें आने लगी हैं। इसके अलावा रवि नगर स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHSC), जिसका उद्घाटन 10 जून को 19 लाख रुपये की लागत से हुआ था, उसकी टाइल्स भी बनते ही टूटने लगी हैं।
फंड के दोहराव और डुप्लीकेशन का खेल
प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए खुलासा किया गया है कि जिला योजना विकास समिति (DPDC) और बाढ़ नियंत्रण निधि के तहत स्वीकृत कामों में भारी डुप्लीकेशन किया जा रहा है। आजाद नगर क्षेत्र में 150 मीटर नाले की दीवार के लिए 25 लाख रुपये का वर्क ऑर्डर DPDC के तहत जारी किया गया, जबकि इसी काम को बाढ़ नियंत्रण योजना के तहत भी स्वीकृत दिखाया गया है।
राजनीतिक दबाव और बैठकों से अधिकारी गायब
प्रशासनिक ढिलाई का आलम यह है कि मनपा आयुक्त द्वारा बुलाई गई समीक्षा बैठकों में धरमपेठ ज़ोन के डिप्टी इंजीनियर तीन बार समन भेजे जाने के बाद भी शामिल नहीं हुए। आरोप है कि सत्ता पक्ष के दबाव के कारण लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद न तो कोई विभागीय जाँच हो रही है और न ही संबंधित अधिकारियों पर कोई कार्रवाई की जा रही है।
विकास कार्य ठप, निष्पक्ष जाँच की मांग
इसके अलावा ज़ोन सभापति पर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर फंड आवंटन के पत्र जारी करने के आरोप लगे हैं, जिसे लेकर निगम सचिव को शिकायत भेजी जा रही है। वहीं सीपी क्लब से मदर डेयरी तक की सड़क का निर्माण, जो 2023 में स्वीकृत हुआ था और जिसके लिए केंद्र सरकार से फंड भी मिल चुका है, पिछले 6 महीनों से अटका पड़ा है। पार्षद ने इन सभी धांधलियों की निष्पक्ष जाँच की मांग की है।


