केंद्रीय वाणिज्य एंव उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार, 4 फरवरी को India-US ट्रेड डील पर बात करते हुए संसद में कहा यह व्यापार समझौता ऐतिहासिक है. इससे भारतीय किसानों को कोई नुकसान नहीं है. पीयूष गोयल ने यह बात अमेरिका द्वारा भारत पर लगाई गई टैरिफ कम करने को लेकर कही है. उन्होंने बताया कि 1 साल तक चले कई दौर के विचार विमर्श के बाद व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में सफल रहे. यह समझौता भारत को विकसित बनाने की दिशा में काफी महत्वपूर्ण है.पीयूष गोयल ने कहा, “दोनों पक्षों के हितों को देखते हुए स्वाभाविक है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं के महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करते हुए सर्वोत्तम परिणाम सुनिश्चित करना चाहेंगे. भारतीय पक्ष अपने संवेदनशील क्षेत्रों विशेषकर कृषि और दुग्ध क्षेत्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है. अमेरिकी पक्ष के भी कुछ ऐसे क्षेत्र थे जो उनके दृष्टिकोण से संवेदनशील थे. इसकी बातचीत पिछले करीब 1 साल तक चली है, जिसमें काफी विचार विमर्श के बाद व्यापार समझौते के कई क्षेत्रों को अंतिम रूप देने में सफल रहे. यह समझौता विशेष रूप से श्रम प्रदान क्षेत्रों और विनिर्माण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करता है. खाद और कृषि क्षेत्र में भारत की संवेदनशीलता का पूर्ण ध्यान रखा गया है.”
‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ का लक्ष्य होगा पूरा
संसद में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अपनी बात रखते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “मैं इस सम्मानित सदन को यह दोहराना चाहता हूं कि उर्वरक और कृषि क्षेत्र में भारत की संवेदनशीलता का पूरा ध्यान रखा गया है. यह समझौता लघु एवं मध्यम व्यापारियों, लघु एवं मध्यम उद्यमों, उद्योगपतियों, कुशल श्रमिकों और उद्योगों को नए अवसर प्रदान करेगा. इससे उन्नत प्रौद्योगिकियों तक पहुंच आसान होगी और भारत के ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’, ‘डिजाइन इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ और ‘इनोवेट इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ के लक्ष्यों को साकार करने में मदद मिलेगी.”
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50 से 18 प्रतिशत होगी टैरिफ
सोमवार, 2 फरवरी 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर जानकारी देते हुए बताया कि भारत पर लगी 50 प्रतिशत टैरिफ को कम कर 18 प्रतिशत किया जा रहा है. पीयूष गोयल ने बताया कि अमेरिका द्वारा कई अन्य देशों पर लगाई टैरिफ की अपेक्षा भारत पर कम कर दिया गया है. यह फैसला दोनों पक्षों (भारत-अमेरिका) के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

