रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के भौतिक सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर विसंगतियां और गड़बड़ी उजागर हुई हैं। कृषि विभाग द्वारा की गई गहन जांच के बाद अब तक 1,750 ऐसे लोगों के नाम योजना के आधिकारिक पोर्टल से डिलीट कर दिए गए हैं, जो इस योजना के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा नहीं कर रहे थे। इन मामलों में कई ऐसे परिवार भी शामिल हैं, जहाँ नियम विरुद्ध जाकर एक ही राशन कार्ड या परिवार के एक से अधिक सदस्य इस सरकारी सहायता का लाभ उठा रहे थे। कृषि विभाग अब बाकी के संदिग्ध खातों की विस्तृत स्क्रूटनी में जुट गया है।
मुख्यालय से मिली 11 हजार संदिग्धों की सूची, जारी है ग्राउंड सर्वे
कृषि विभाग को राज्य मुख्यालय से रायपुर जिले के करीब 11,000 संदिग्ध किसानों की एक विस्तृत सूची प्राप्त हुई है। इस सूची के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में मैदानी अमले द्वारा घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जा रहा है। अब तक की जांच में 1,310 अपात्र किसानों की पुख्ता सूची तैयार कर अंतिम कार्रवाई के लिए मुख्यालय भेज दी गई है। अधिकारियों का साफ कहना है कि यह जांच अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और जो भी व्यक्ति अपात्र पाया जाएगा, उसका नाम तुरंत सूची से पृथक किया जाएगा।
मृत्यु के बाद भी खातों में आती रही किस्तें, विभाग ने कश शिकंजा
जांच का एक चौंकाने वाला पहलू यह भी रहा कि जिले में कई किसानों के निधन के बावजूद उनके बैंक खातों में योजना की राशि नियमित रूप से ट्रांसफर होती रही। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, योजना की शुरुआत से लेकर अप्रैल 2026 तक रायपुर जिले में कुल 2,239 लाभार्थी किसानों की मृत्यु हो चुकी है। कई मामलों में जागरूकता की कमी या जानबूझकर परिजनों ने विभाग को मृत्यु की सूचना नहीं दी, जिससे किस्तें जारी होती रहीं। अब ऐसे सभी मृत हितग्राहियों के नाम ब्लॉक कर दिए गए हैं, और उनके पात्र वारिसों (नॉमिनी) को नियमानुसार जोड़ने की प्रक्रिया अलग से शुरू की गई है।
अपात्रों के कटने से 23वीं किस्त में वितरित हुई कम राशि
हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के आंकड़ों में यह गिरावट साफ देखने को मिली है। इस बार रायपुर जिले के 91,845 किसानों के खातों में लगभग 18.36 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। जबकि इसके ठीक पहले, यानी 22वीं किस्त में जिले के 92,578 किसानों को करीब 18.71 करोड़ रुपये जारी हुए थे। अपात्रों और मृतकों के नाम पोर्टल से हटाए जाने के कारण इस बार लाभार्थियों की संख्या कम हुई है, जिससे वितरण राशि में करीब 35 लाख रुपये की कमी आई है।
4,822 संयुक्त (Joint) बैंक खाते मिले, व्यक्तिगत खाता खुलवाने के निर्देश
सत्यापन अभियान के दौरान एक और तकनीकी खामी सामने आई है, जिसमें जिले के 4,822 लाभार्थियों के बैंक खाते उनके पति या पत्नी के साथ संयुक्त नाम (Joint Account) पर चल रहे हैं। कृषि विभाग ने ऐसे सभी किसानों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे तत्काल केवल अपने व्यक्तिगत नाम (Single Account) से नया बैंक खाता खुलवाकर पोर्टल पर अपडेट करें। अधिकारियों का मानना है कि संयुक्त खाता होने की वजह से ही मुख्य लाभार्थी की मृत्यु के बाद भी बैंक में पैसा जमा होता रहा और इसकी भनक विभाग को नहीं लग सकी।
आयकरदाताओं और सरकारी कर्मचारियों पर गिरेगी गाज
कृषि विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि पूरे रायपुर जिले में यह शुद्धिकरण अभियान लगातार चलता रहेगा। योजना के नियमों के विपरीत लाभ ले रहे सरकारी कर्मचारियों, आयकरदाताओं (Income Tax Payers), निश्चित पेंशनभोगियों और अन्य संपन्न वर्गों की पहचान की जा रही है। विभाग का मुख्य उद्देश्य इस पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए यह सुनिश्चित करना है कि देश के अन्नदाताओं के लिए चलाई जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना का शत-प्रतिशत लाभ केवल वास्तविक, जरूरतमंद और छोटे किसानों को ही मिल सके।


