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    संसद सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी का बड़ा तंज, ’56 इंच नहीं, 28 साल के युवा हैं देश की ताकत’

    नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र आज से प्रारंभ हो गया है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन पहुंचने के पश्चात मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार मानसून की सक्रियता प्रकृति के लिए कल्याणकारी होती है, उसी प्रकार संसद का सक्रिय सत्र देश के समग्र विकास और जन-कल्याण के लिए अत्यंत फलदायी सिद्ध होता है। प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि यह सत्र देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अत्यधिक उत्पादक साबित होगा।

    युवा उद्यमियों की उपलब्धियों पर जोर

    अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के युवा उद्यमियों की सराहना की और उनकी उपलब्धियों को भारत के बढ़ते आत्मविश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की छवि विश्व पटल पर निरंतर सम्मानित और स्वीकार्य होती जा रही है। युवा उद्यमियों की औसत आयु 28 वर्ष का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये युवा देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और बधाई के पात्र हैं। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता पर तंज भी कसा।

    अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की बड़ी सफलता

    प्रधानमंत्री ने देश द्वारा पिछले कुछ समय में हासिल की गई उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की बढ़ती धमक का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले साल इसी सत्र के आसपास एक भारतीय नागरिक ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचकर इतिहास रचा था। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि हाल ही में भारत के स्टार्टअप्स ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और बड़ी सफलता दर्ज की है, जो नए भारत की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी कौशल को दर्शाता है।

    सत्र से राष्ट्र के कल्याण की उम्मीद

    प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि संसद का सत्र जनहित के मुद्दों पर चर्चा का एक प्रमुख मंच है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मानसून सत्र के दौरान सभी सांसद देश की भलाई के लिए सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा करेंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य संसद के माध्यम से देश के हर वर्ग के लिए विकास के द्वार खोलना है। प्रधानमंत्री के इस संदेश ने सत्र के आगामी दिनों में विकासोन्मुखी विमर्श की उम्मीदों को बल दिया है, जिससे देश के भविष्य के लिए नीतिगत निर्णय लेने की प्रक्रिया और सुदृढ़ हो सकेगी।

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