उल्हासनगर। उल्हासनगर शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां कैंप नंबर-4 स्थित रेलवे स्टेशन के पास एक व्यस्त इलाके में प्रसिद्ध यूट्यूबर हरीश गिजवानी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज वारदात बुधवार रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच घटी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, तीन अज्ञात हमलावरों ने अचानक हरीश गिजवानी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के महज दो घंटे के भीतर ही तीन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। पकड़े गए संदिग्धों की पहचान अविनाश नायडू, नूर आलम खान और विजय पूरणसिंह उर्फ लेफ्टी के रूप में हुई है, जिनसे फिलहाल पूछताछ की जा रही है।
बिना किसी बातचीत के की गई ताबड़तोड़ फायरिंग
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, हरीश गिजवानी जब कैंप नंबर-4 क्षेत्र में मौजूद थे, तब हमलावर वहां पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने बिना किसी पूर्व बातचीत के सीधे उन पर पिस्तौल तान दी और गोलीबारी शुरू कर दी। रिपोर्ट में गिजवानी के सिर में दो गोलियां लगने और सीने पर भी गोली का घाव होने की बात कही गई है। इसके अलावा उनके शरीर के अन्य हिस्सों पर धारदार हथियारों से भी हमले के निशान सामने आए हैं। गोलियों की आवाज गूंजते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। गंभीर रूप से घायल गिजवानी की मौके पर ही मौत हो गई, जिसका फायदा उठाकर हमलावर भीड़ के बीच से फरार होने में कामयाब रहे।
वर्ष 2021 की पुरानी रंजिश से जुड़ रहा मामला
विट्ठलवाड़ी पुलिस इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच कई एंगल से कर रही है, जिसमें इसे साल 2021 में हुए एक पुराने हमले से जोड़कर भी देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि लगभग चार साल पहले अविनाश नायडू पर एक जानलेवा हमला हुआ था, और उस मामले में यूट्यूबर हरीश गिजवानी मुख्य आरोपी बताए गए थे। पुलिस इसी पुरानी दुश्मनी को हत्या की मुख्य वजह मानकर चल रही है, हालांकि इसके अलावा आर्थिक लेन-देन और आपसी गैंगवार के संभावित पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है। चर्चा यह भी है कि मृतक गिजवानी पुलिस के मुखबिर के रूप में भी काम करते थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच और पूछताछ के बाद ही हत्या के असली कारणों का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा।
वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में तेज हुई जांच
वारदात की सूचना मिलते ही विट्ठलवाड़ी पुलिस थाने का अमला तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस ने मौके का पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी मध्यवर्ती अस्पताल भेज दिया। मामले की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस उपायुक्त सचिन गोरे, सहायक पुलिस आयुक्त शंकर अवताडे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चंद्रहार गोडसे के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। पुलिस आसपास की दुकानों और इमारतों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों के आने-जाने के रास्तों और उनके अन्य साथियों का सुराग मिल सके। उल्हासनगर में लगातार सामने आ रही इस तरह की हिंसक घटनाओं के बाद से स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता और सवाल खड़े हो रहे हैं।


