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    छतरपुर में आधी रात को पुलिस पर पथराव, केन बेतवा प्रोजेक्ट के विस्थापितों के प्रदर्शन से तनाव

    छतरपुर : केन बेतवा लिंक परियोजना के मुआवजा को लेकर अगवाई कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे आदिवासी सहित ग्रामीणों ने आधी रात को पुलिस पर पथराव कर दिया. इस पर जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रात को प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार शुरू कर दी. वहीं, धरने पर बैठे लोग भागते दिखाई दिए. आधी रात को स्थित तनाव पूर्ण हो गई और जिले के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई.

     

    अमित भटनागर की गिरफ्तारी के विरोध में हो रहा था प्रदर्शन

    बिजावर तहसील में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित विस्थापितों और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव एवं समाजसेवी अमित भटनागर की गिरफ्तारी के विरोध में भारी संख्या में लोग सड़कों पर बीते दिन उतरे थे और प्रदर्शन पूरी रात चलता रहा. आधी रात को प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया तो पुलिस ने धरना प्रदर्शन करने वालों पर पानी की बौछार शुरू कर दी.

     

    बिजावर थाना इलाके में स्थित तनाव पूर्ण

    बिजावर थाना इलाके में स्थित अब तनाव पूर्ण बनी हुई है, दरसल बीते दिन प्रदर्शनकारी तहसील कार्यालय के सामने धरना दे रहे थे और एसडीएम कार्यालय को घेर लिया था. धरना देने वाले आदिवासी अपने नेता अमित भटनागर की तत्काल रिहाई की मांग पर अड़े हुए थे. प्रदर्शनकारियों ने वार्ड नम्बर 9 की पार्षद दिव्या अहिरवार ने बताया कि "पुलिस ने अमित भटनागर को शांति भंग की आशंका के चलते धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई और मिलने भी नहीं दिया जा रहा है. एक घंटे से अधिक समय से एसडीएम ज्ञापन लेने बाहर नहीं आए, जिसके चलते तहसील कार्यालय को घेर लिया गया था."ढोडन गांव की आदिवासी संतोषी ने कहा, जब तक अमित भटनागर को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक हम धरना जारी रखेंगे. भटनागर को गिरफ्तार कर आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है. उनका जुर्म सिर्फ गरीबों और विस्थापितों के हक की बात करना था. जब तक रिहाई नहीं होगी, प्रशासन को तहसील कार्यालय में कैद रहना पड़ेगा."

     

    प्रदर्शन में महिलाओं सहित कांग्रेस, समाजवादी पार्टी व अन्य राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता

    प्रदर्शन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी सहित अन्य राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं. प्रशासन द्वारा लगातार समझाइश दी गई लेकिन, प्रदर्शनकारी आधी रात तक धरना देते रहे और उसके बाद पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. पुलिस पर पथराव के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार शुरू करवा दी. धीरे धीरे मामले ने तूल पकड़ा लिया और अब विजावर इलाके में मामला तनाव पूर्ण हो गया है.

    जिले भर के थानों की पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है और प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने खदेड़ दिया है, प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं. मौके पर पहुंचे ASP आदित्य पटले ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को गाड़ियों से उनके गांव छुड़वाया गया.

     

    क्या बोले अधिकारी ?

    आधी रात जब छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल से बात हुई तो उन्होंने बताया "पूरे दिन प्रदर्शनकारियों को समझाता रहा प्रशासन जो उचित मांगें थीं वह पूरी करने को कहा गया, लेकिन रात को पुलिस पर पथराव और झूमा झटकी कर दी गई. इस पर पुलिस को पानी की बौछार करनी पड़ी. प्रदर्शनकारियों को सुरक्षित उनके घर भेजा जा रहा है, उनकी उचित मांगे पूरी होंगी."

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