चेन्नई। तमिलनाडु के लोकप्रिय अभिनेता-राजनेता तथा 'तमिलगा वेत्री कझगम' (टीवीके) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने मदुरांतकम विधानसभा उपचुनाव के प्रचार अभियान के दौरान सत्तारूढ़ डीएमके (DMK) पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया है। उन्होंने डीएमके को एक 'बुरी ताकत' करार देते हुए यह गंभीर आरोप लगाया कि इस पार्टी के नेता जनता के प्रति बेहद आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हैं। विजय ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वह यहां किसी मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि आम जनता के एक बेटे और भाई के रूप में वोट मांगने आए हैं।
उल्लेखनीय है कि मदुरांतकम विधानसभा सीट पर आगामी 6 अक्टूबर को उपचुनाव संपन्न होना है। टीवीके पार्टी ने इस महत्वपूर्ण सीट से पूर्व अन्नाद्रमुक (AIADMK) विधायक मरगथम कुमारवेल को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है। कुमारवेल ने वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक के टिकट पर विजय प्राप्त की थी, किंतु तत्पश्चात विधायक पद से त्यागपत्र देकर वे टीवीके में सम्मिलित हो गई थीं।
'मैं मुख्यमंत्री बनकर नहीं, जनता के सेवक के रूप में आया हूं'
चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए विजय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह मतदाताओं के समक्ष किसी उच्च पद या मुख्यमंत्री की हैसियत से वोट मांगने नहीं आए हैं, बल्कि वे मरगथम कुमारवेल के समर्थन में जनता के बेटे और भाई के नाते उपस्थित हुए हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि उनका मुख्य उद्देश्य जनता के समक्ष अपनी सरकार की उपलब्धियों और क्षेत्र के चहुंमुखी विकास से जुड़े वास्तविक मुद्दों को रखना है। स्वयं को पूरी तरह जनता का सेवक बताते हुए उन्होंने दोहराया कि शासन का एकमात्र ध्येय नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करना होना चाहिए।
डीएमके पर तीखे हमले और राजनीतिक मिलीभगत के आरोप
विजय ने डीएमके पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इस दल के नेता ऐसा आचरण करते हैं मानो संपूर्ण राज्य उनकी व्यक्तिगत संपत्ति हो। उन्होंने कहा कि टीवीके का वैचारिक संघर्ष डीएमके की अनुचित राजनीति और उसकी कार्यशैली के विरुद्ध है। इसी क्रम में उन्होंने डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन को संबोधित करते हुए तंज कसते हुए उन्हें अपना ‘मीठा चाचा’ भी कहा और स्पष्ट किया कि चुनावी मैदान में असली मुकाबला मुख्य रूप से टीवीके और डीएमके के बीच ही है।
इसके साथ ही, विजय ने यह भी आरोप लगाया कि परदे के पीछे डीएमके, अन्नाद्रमुक और भाजपा के बीच आपसी समझ तथा गुप्त मिलीभगत है। उन्होंने मतदाताओं से आह्वान किया कि वे इन पारंपरिक दलों को सिरे से खारिज करें और आगामी चुनाव में टीवीके के 'सीटी' चुनाव चिह्न पर मुहर लगाकर पार्टी को विजयी बनाएं।
उम्मीदवार मरगथम कुमारवेल का पक्ष और अन्नाद्रमुक की प्रतिक्रिया
टीवीके की प्रत्याशी मरगथम कुमारवेल ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे तमाम आरोपों का माकूल जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अन्नाद्रमुक का दामन इसलिए छोड़ा क्योंकि वह पार्टी गुप्त रूप से डीएमके के साथ हाथ मिलाने और जनता के जनादेश को कमजोर करने की राह पर अग्रसर थी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वह मदुरांतकम की जनता का साथ कभी नहीं छोड़ेंगी तथा विजय को अपना ‘भाई’ बताते हुए क्षेत्र के विकास के लिए कटिबद्ध नजर आईं।
दूसरी ओर, अन्नाद्रमुक इस हाई-प्रोफाइल दल-बदल को लेकर लगातार टीवीके और कुमारवेल पर हमलावर है। अन्नाद्रमुक के महासचिव ई.के. पलानीस्वामी ने मदुरांतकम में चुनाव प्रचार के दौरान मरगथम कुमारवेल के दल-परिवर्तन को खुले तौर पर ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ (खरीद-फरोख्त) करार दिया और मतदाताओं से अपील की कि वे इस कृत्य का करारा जवाब अपने मताधिकार के माध्यम से दें।
परंदूर हवाई अड्डा परियोजना पर विजय का वक्तव्य
अपने संबोधन के दौरान विजय ने बहुचर्चित परंदूर एयरपोर्ट परियोजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना को आगे न बढ़ाने का निर्णय कृषकों की आजीविका और जल स्रोतों (वाटर बॉडीज) की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए लिया गया है। इसके अतिरिक्त, सरकार द्वारा लिए जाने वाले ऋणों के बचाव में उन्होंने कहा कि कर्ज का उद्देश्य किसी प्रकार का भ्रष्टाचार करना नहीं है, वरन चुनावी घोषणापत्र के वादों तथा जनहित से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारना है।


