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    निजी बिजनेस पार्क और सौर ऊर्जा प्रस्तावों को मिल सकती है मंजूरी

    लखनऊ|उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में खाद्य, ऊर्जा और नगर विकास विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले वर्ष से ₹160 अधिक है। गेहूं खरीद 30 मार्च से 15 जून 2026 तक 6500 केंद्रों पर की जाएगी।

    ऊर्जा क्षेत्र में घाटमपुर पावर प्लांट के लिए कोल माइन विकास हेतु ₹2242.90 करोड़ स्वीकृत हुए। वहीं गोरखपुर में 20 मेगावॉट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा। नगर विकास के तहत “नवयुग पालिका योजना” को भी मंजूरी दी गई है, जो 58 जिला मुख्यालयों में लागू होगी।

    महत्वपूर्ण विभागों के 20 से अधिक प्रस्ताव शामिल किए गए

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज होने वाली कैबिनेट बैठक में राज्य के औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इस बैठक के एजेंडे में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, आवास, ऊर्जा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभागों के 20 से अधिक प्रस्ताव शामिल किए गए हैं।

    कैबिनेट के मुख्य एजेंडे में 'उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025' को मंजूरी देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीतियों (2017 और 2022) के तहत गठित उच्च स्तरीय समितियों की सिफारिशों पर भी मुहर लगेगी। राज्य में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए एफडीआई और फॉर्च्यून 500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत प्राप्त प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी।

    क्षेत्रीय विकास और बुनियादी ढांचे की योजनाओं पर भी हो सकता है फैसला

    बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे जनपद संभल में 'इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स' की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। साथ ही, लखनऊ में प्रस्तावित 'इंटरनेशनल एग्जीबिशन-सह-कन्वेन्शन सेंटर' की संशोधित लागत और बुलंदशहर एवं खुर्जा विकास प्राधिकरण के विस्तार हेतु 14 नए राजस्व गांवों को शामिल करने पर भी निर्णय लिया जाएगा।

    गोरखपुर में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का प्रस्ताव

    प्रदेश को सौर ऊर्जा का हब बनाने की दिशा में गोरखपुर को 'सोलर सिटी' के रूप में विकसित करने और वहां 20 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा, शोधित जल के सुरक्षित पुन: उपयोग के लिए नई नीति 'उत्तर प्रदेश राज्य नीति (एस.आर.टी.डब्ल्यू.)-2026' के प्रख्यापन पर भी चर्चा होगी।

    किसानों और पर्यटन के लिए सौगात: कृषि क्षेत्र में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं खरीद की नीति निर्धारित की जाएगी। साथ ही, लखनऊ की ऐतिहासिक धरोहरों जैसे रोशन-उद-दौला और छतर मंजिल को पीपीपी मॉडल पर 'हेरिटेज पर्यटन इकाई' के रूप में विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव भी शामिल है।

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