मथुरा। धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के 25 वर्षीय शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई दर्दनाक मौत से सनसनी फैल गई है। उन्होंने कटर ग्राइंडर से अपना गुप्तांग काटने के बाद बहुमंजिला इमारत की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस की जांच मुख्य रूप से इस बिंदु पर केंद्रित है कि आखिर ऐसा कौन सा गंभीर तनाव, रहस्य या दबाव था जिसके चलते एक युवा साधक ने इतना आत्मघाती कदम उठाया।
मकान की छत से छलांग और महिला की बाल-बाल बची जान
घटना से जुड़े सीसीटीवी और वीडियो फुटेज में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद रसिक छत पर पहुंचे और कुछ देर बैठने के उपरांत नीचे कूद गए। जिस समय वे ऊपर से नीचे गिरे, ठीक उसी वक्त नीचे सड़क से एक महिला पैदल गुजर रही थी। महिला उनके गिरने वाले स्थान से महज कुछ कदम आगे निकल चुकी थी, जिससे उसकी जान बाल-बाल बच गई। यदि वे महिला पर गिरते तो एक और बड़ा हादसा हो सकता था।
दर्द निवारक पदार्थ के सेवन की आशंका और विसरा जांच
पुलिस जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि ग्राइंडर जैसे उपकरण से शरीर का संवेदनशील हिस्सा काटने के बावजूद रसिक के चेहरे या हरकतों से अत्यधिक दर्द की तड़प नजर नहीं आ रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मौत की वजह अत्यधिक रक्तस्राव और हड्डियां टूटना पाया गया है। पुलिस को संदेह है कि उन्होंने इस कदम को उठाने से पहले किसी ऐसे मादक या सुन्न करने वाले पदार्थ का सेवन किया था जिससे उन्हें असहनीय दर्द का अहसास न हो, जिसकी पुष्टि के लिए उनके ब्लड सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।
सहयोगी साधक से पूछताछ और संभावित उकसावे की पड़ताल
रसिक जिस कमरे में निवास करते थे, वहां उनके साथ एक अन्य साधक भी रहता था। परिवार से दूर रहने के कारण साथी साधक ही उनके निकटतम थे। पुलिस अब उस कमरेदार से गहन पूछताछ कर रही है ताकि रसिक की मानसिक स्थिति और पिछले कुछ दिनों की गतिविधियों का सुराग मिल सके। जांच अधिकारी इस पहलू को भी गंभीरता से खंगाल रहे हैं कि क्या किसी बाहरी व्यक्ति ने रसिक को ब्लैकमेल किया या इस आत्मघाती कदम को उठाने के लिए उकसाया था।
सभी कोणों से निष्पक्ष जांच में जुटी पुलिस
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने बताया कि यह अत्यंत संवेदनशील और जटिल मामला है, जिसमें कई अहम सवालों के जवाब तलाशे जाने बाकी हैं। पुलिस की forensic और जांच टीमें हर सूक्ष्म पहलू का बारकी से अध्ययन कर रही हैं। मृतक से जुड़े सभी संपर्कों, डिजिटल साक्ष्यों और करीबियों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे छिपे वास्तविक कारणों का पर्दाफाश किया जा सके।


