More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशमैदानी अफसरों की तैयार होगी रिपोर्ट, मिलेगी नई पदस्थापना

    मैदानी अफसरों की तैयार होगी रिपोर्ट, मिलेगी नई पदस्थापना

    भोपाल। मुख्य सचिव अनुराग जैन बुधवार को मैदानी अफसरों से कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेंस के एक्शन प्लान की रिपोर्ट लेंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर-कमिश्नर सहित अन्य मैदानी अफसरों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उस रिपोर्ट के आधार पर 21 फरवरी के बाद होने वाली बड़ी प्रशासनिक सर्जरी में अफसरों की पदस्थापना की जाएगी। गौरतलब है कि  राजधानी में गत अक्टूबर में हुई कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में सीएम डॉ. मोहन यादव ने सभी कलेक्टरों को योजनाओं के तय समय सीमा में क्रियान्वयन को लेकर जरूरी निर्देश दिए थे। साथ ही अगले तीन महीने एवं एक साल के लिए लक्ष्य निर्धारित कर कलेक्टरों से इसके अनुसार कार्य करने को कहा गया था। अब मुख्य सचिव अनुराग जैन बुधवार को उच्च स्तरीय बैठक में कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा कर कलेक्टरों को जरूरी निर्देश देंगे।
    चुनाव आयोग द्वारा 22 साल बाद कराई गई एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की प्रक्रिया पूरी होने और प्रशासनिक सिस्टम की अत्यधिक सक्रियता थमने के बाद अब राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिकताओं वाले कामों की समीक्षा में जुट गई है। सरकार अब जिलों में पदस्थ कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के परफॉर्मेंस डेटा की गहन पड़ताल कर रही है, ताकि आगामी तबादलों को लेकर ठोस निर्णय लिया जा सके। दरअसल, 21 फरवरी को चुनाव आयोग का तबादलों पर लगा अघोषित प्रतिबंध खत्म होने वाला है। इसके बाद बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। ये तबादले इसलिए भी लंबे समय से प्रतीक्षित हैं, क्योंकि कई जिलों में पदस्थ एसपी अब डीआईजी पद पर पदोन्नत हो चुके हैं, वहीं कलेक्टरी कर रहे कई आईएएस अधिकारी सचिव पद पर प्रमोट हो चुके हैं।

    कमिश्नर्स-कलेक्टर्स कांफ्रेंस के एक्शन प्लान की समीक्षा
    करीब साढ़े तीन माह पहले भोपाल में आयोजित दो दिवसीय कमिश्नर्स-कलेक्टर्स कांफ्रेंस में सरकार ने विभिन्न विभागों और जिलों के लिए एक विस्तृत एक्शन प्लान तय किया था। अब उसी एक्शन प्लान की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव ने एक बार फिर बैठक की तारीख तय की है। यह बैठक अब तक तीन बार स्थगित हो चुकी है और चौथी बार बुधवार को होने का प्रस्ताव है। इस बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन जिलों से सीधे फीडबैक लेंगे कि सरकार द्वारा तय किए गए एक्शन प्लान पर किस जिले ने कितना काम किया है। इसी फीडबैक और आंकड़ों के आधार पर कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक इस समीक्षा के बाद ही सरकार तबादलों और नई पदस्थापनाओं को लेकर अंतिम निर्णय लेगी। ऐसे में आगामी दिनों में प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज होने के संकेत हैं।

    कमिश्नर, कलेक्टर ने मांगी रिपोर्ट
    सीएस की बैठक की डेट फाइनल होने के बाद जिलों में कलेक्टर-कमिश्नर सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से एजेंडावार रिपोर्ट मांगी है, ताकि उसे शासन को भेजा जा सके और बैठक में सीएस के सवालों का जवाब दिया जा सके। इस बैठक में पुलिस, जिला पंचायत, बिजली, नगरीय विकास समेत अन्य विभागों के 85 मुद्दों पर रिपोर्ट तैयार करने और जनहित के मामलों में एक्टिव रहने के लिए कहा गया है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक मुख्य सचिव बैठक में कलेक्टरों के कामकाज की विस्तार से समीक्षा करेंगे। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने विभिन्न विभागों से प्राप्त आंकड़ों और सूचनाओं के आधार पर जिलों एवं संभागों की 10 प्रमुख बिंदुओं पर रैंकिंग तैयार की है। इस रैंकिंग में प्रत्येक बिंदु पर टॉप और बॉटम के दो-दो जिलों को शामिल किया गया है, जबकि संभागीय स्तर पर टॉप और बॉटम से एक-एक संभाग को चयनित किया गया है। इसका उद्देश्य बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों और संभागों को प्रोत्साहित करना तथा कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में सुधार के लिए ठोस दिशा-निर्देश देना है। जिन 10 प्रमुख बिंदुओं पर जिलों और संभागों की रैंकिंग की गई है, उनमें कृषि एवं उससे गई है। जुड़े क्षेत्र, स्वास्थ्य एवं पोषण, रोजगार, उद्योग एवं निवेश, नगरीय विकास, सुशासन, शिक्षा, ग्रामीण विकास एवं जनजातीय कार्य, कानून व्यवस्था तथा विविध एवं अतिरिक्त बिंदु शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन, उपलब्धियों और कमियों का तुलनात्मक अध्ययन किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस समीक्षा बैठक के लिए करीब 217 पेज की विस्तृत पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) तैयार की है। इसी पीपीटी के आधार पर मुख्य सचिव जिलों की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

    जिलों में पदस्थ आईएएस, आईपीएस की होगी नई पोस्टिंग
    राज्य सरकार ने एक जनवरी से 71 आईएएस, दो दर्जन आईपीएस को सीनियर पदों पर प्रमोट किया है। इसमें सचिव पद पर प्रमोट हो चुके भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के अलावा अपर सचिव पद पर प्रमोट हो चुके 11 जिलों के कलेक्टर भी शामिल हैं। इनमें धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, नरसिंहपुर कलेक्टर रजनी सिंह, नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीना, सतना कलेक्टर सतीश कुमार एस, मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा, सागर कलेक्टर संदीप जी आर, राजगढ़ कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा, जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, अपर आयुक्त राजस्व जबलपुर संभाग अमर बहादुर सिंह, पांढुर्णा कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ, गुना कलेक्टर किशोर कुमार कान्याल के नाम शामिल हैं। अपर सचिव पद पर प्रमोट होने वालों को सरकार रियायत दे सकती है पर सचिव बनने वाले अधिकारी तो हटाए ही जाएंगे। साथ ही जिन अफसरों के तीन साल के कार्यकाल पूरे हो रहे हैं, उन्हें भी हटाया जा सकता है। इनके अलावा जिन पुलिस अधीक्षकों की जिलों में पोस्टिंग है और डीआईजी बनाए जाने के चलते उनके तबादले हो सकते हैं उनमें खंडवा एसपी मनोज कुमार राय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रेडियो पीएचक्यू रियाज इकबाल, एसआरपी रेल भोपाल राहुल कुमार लोढा, एसआरपी जबलपुर सिमाला प्रसाद, एसपी भिंड असित यादव, एसपी धार मयंक अवस्थी, डीसीपी जोन 2 नगरीय पुलिस भोपाल विवेक सिंह, डीसीपी जोन 2 नगरीय पुलिस इंदौर कुमार प्रतीक, एसपी झाबुआ शिवदयाल और एसपी रीवा शैलेंद्र सिंह चौहान के नाम शामिल हैं।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here