डूंगरपुर: राजस्थान और गुजरात के सीमावर्ती जनजातीय क्षेत्रों में चांदीपुरा वायरस का प्रकोप तेजी से पैर पसार रहा है। जुलाई माह में डूंगरपुर जिले में एक बच्ची की दुखद मृत्यु के बाद अब सिरोही जिले में भी इस खतरनाक वायरस के संक्रमण से एक अन्य मासूम की जान जाने का मामला प्रकाश में आया है। राजस्थान के डूंगरपुर, सिरोही और गुजरात के अरावली, साबरकांठा तथा पंचमहल जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में लगातार केस सामने आने से चिकित्सा महकमे में हड़कंप मच गया है। दोनों राज्यों के स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गए हैं और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं।
वर्ष 2026 में डूंगरपुर से सामने आया पहला मामला
राजस्थान राज्य में इस वर्ष चांदीपुरा वायरस का पहला मामला डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा उपखंड स्थित रतनपुरा गांव से सामने आया था। यहां की एक बालिका को तेज बुखार और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चलते हिम्मतनगर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान 15 जुलाई को उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद सिरोही जिले में भी एक बच्ची की मौत दर्ज की गई, जिसके बाद से ही राज्य का स्वास्थ्य ढांचा पूरी तरह सतर्क हो गया है।
सैंड फ्लाई मक्खी को माना जा रहा संक्रमण का मुख्य कारण
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलंकार गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि यह जानलेवा वायरस मुख्य रूप से सैंड फ्लाई (रेतीली मक्खी) के काटने से इंसानों में फैलता है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में मवेशियों के बाड़े प्रायः घरों के बिल्कुल समीप निर्मित होते हैं, जहां यह मक्खियां तेजी से पनपती हैं। कच्चे मकानों और पशुशालाओं की मौजूदगी के कारण सैंड फ्लाई का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे छोटे बच्चों में संक्रमण फैलने का जोखिम कई गुना अधिक हो जाता है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांवों में सघन निगरानी और डोर-टू-डोर सर्वे
वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए चिकित्सा विभाग की विशेष टीमें प्रभावित और संवेदनशील गांवों में लगातार सर्वे अभियान चला रही हैं। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है कि यदि बच्चों में अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, झटके आने या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना समय गंवाए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत चिकित्सीय परामर्श लें।
राजस्थान और गुजरात के सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता
पड़ोसी राज्य गुजरात में पिछले डेढ़ महीने के दौरान कई बच्चों की मौत के मामले सामने आए हैं, जिनमें से कई में चांदीपुरा वायरस की पुष्टि हो चुकी है। राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सिरोही, उदयपुर और जालौर जिलों की सीमाएं गुजरात के प्रभावित इलाकों से सीधी जुड़ी हुई हैं। दोनों राज्यों के बीच प्रतिदिन होने वाली अंतरराज्यीय आवाजाही को ध्यान में रखते हुए सीमावर्ती इलाकों में विशेष जांच और कीट नियंत्रण अभियान चलाए जा रहे हैं।


