More
    Homeदुनियाइंडोनेशिया में लापता नाव की खोज जारी, 11 विदेशी पर्यटकों का अब...

    इंडोनेशिया में लापता नाव की खोज जारी, 11 विदेशी पर्यटकों का अब तक नहीं मिला सुराग

    पालू: इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप के नजदीक एक तेज रफ्तार स्पीडबोट के अचानक लापता हो जाने के बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा युद्धस्तर पर खोज एवं बचाव (सर्च एंड रेस्क्यू) अभियान चलाया जा रहा है। इस दुर्घटनाग्रस्त स्पीडबोट में कुल 11 यूरोपीय पर्यटक और दो स्थानीय चालक दल (क्रू) के सदस्य सवार थे। अधिकारियों ने शनिवार को मीडिया को जानकारी दी कि तलाशी के इतने बड़े अभियान के बावजूद अब तक न तो लापता नाव का और न ही उसमें सवार किसी भी व्यक्ति का कोई सुराग हाथ लग पाया है।

    क्या है पूरा घटनाक्रम?

    अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह स्पीडबोट शुक्रवार की सुबह टंजुंग उनाउना रीजेंसी से चलकर गोरोंटालो प्रांत के मारिसा बंदरगाह की तरफ रवाना हुई थी।

    • लापता होने की सूचना: तय समय बीत जाने के बाद भी जब नाव अपने निर्धारित गंतव्य पर नहीं पहुंची, तो हड़कंप मच गया।

    • गोरोंटालो प्रांत के खोज एवं बचाव कार्यालय के प्रमुख हेरियांतो ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब 3:40 बजे एक स्थानीय टूर गाइड ने बोट के लापता होने की आधिकारिक सूचना दी, जिसके तुरंत बाद शुक्रवार की रात से ही व्यापक स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।

    • अधिकारियों ने कहा, 'जब दोपहर के समय तक भी स्पीडबोट अपने डेस्टिनेशन पर नहीं पहुंची, तो हमारी चिंताएं काफी बढ़ गईं। हमने फौरन तलाश अभियान शुरू किया, लेकिन वर्तमान समय तक नाव या उसमें यात्रा कर रहे किसी भी इंसान का कोई पता नहीं चल पाया है।'

    किन-किन देशों के नागरिक थे सवार?

    इंडोनेशियाई प्रशासनिक और आव्रजन अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक सूची के मुताबिक, लापता हुई इस स्पीडबोट में दुनिया के कई अलग-अलग देशों के नागरिक सवार थे:

    • चेक गणराज्य का 1 नागरिक

    • बेल्जियम का 1 नागरिक

    • नीदरलैंड्स के 5 नागरिक

    • जर्मनी के 3 नागरिक

    • फ्रांस की 1 महिला नागरिक

    • इसके अलावा 2 स्थानीय इंडोनेशियाई क्रू मेंबर भी इस नाव पर मौजूद थे।

    300 वर्ग समुद्री मील के दायरे में तलाश और मौसम की बाधा

    लापता बोट और पर्यटकों की तलाश के लिए राहत एवं बचाव दलों ने टोमिनी खाड़ी और उसके आसपास के लगभग 300 वर्ग समुद्री मील के विशाल क्षेत्र को अपने रडार पर ले रखा है।

    • अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल: इस तलाशी अभियान में कई रेस्क्यू बोट, आधुनिक थर्मल इमेजिंग ड्रोन और कुशल गोताखोरों की टीमों को झोंक दिया गया है। यह पूरा सर्च ऑपरेशन उस संभावित रूट को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है जिससे होकर बोट को गुजरना था।

    • मौसम की बड़ी चुनौती: हालांकि मौसम विभाग ने इस क्षेत्र में आमतौर पर आसमान साफ रहने का अनुमान जताया है, लेकिन समुद्र के भीतर चल रही तेज और ठंडी हवाओं तथा करीब 2.5 मीटर ऊंची खतरनाक लहरों के कारण बचाव दलों को अभियान चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद अधिकारियों का संकल्प है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच भी लापता लोगों की तलाश बिना रुके जारी रहेगी।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here