More
    Homeराजनीतिलोस में हंगामा: राहुल गांधी ने बोला तीखा हमला, भारत माता को...

    लोस में हंगामा: राहुल गांधी ने बोला तीखा हमला, भारत माता को बेचने का लगाया आरोप

    नई दिल्ली । संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि इस समझौते के जरिए सरकार ने डेढ़ अरब भारतीयों के भविष्य को बंधक रख दिया है।
    राहुल गांधी ने अपने संबोधन में सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यह समझौता भारत की ऊर्जा सुरक्षा, किसानों के हितों और कपड़ा क्षेत्र के लिए अमेरिका के समक्ष पूरी तरह से समर्पण है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, आप सदन में इस करार का बचाव कैसे कर सकते हैं? क्या आपको शर्म नहीं आती? आपने भारत को बेच दिया है, आपने हमारी माँ भारत माता को बेच दिया है।
    कांग्रेस नेता ने विशेष रूप से कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सोयाबीन, कपास, मक्का और लाल ज्वार उगाने वाले भारतीय किसानों को विशाल अमेरिकी मशीनीकृत खेतों की दया पर छोड़ दिया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि बांग्लादेश-अमेरिका व्यापार सौदे के बाद भारत का कपड़ा उद्योग पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। राहुल गांधी ने केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने देश का महत्वपूर्ण डेटा अमेरिका को सौंप दिया है। उन्होंने सवाल किया कि कोई भी प्रधानमंत्री ऐसे समझौते के लिए तब तक तैयार नहीं हो सकता, जब तक कि उन पर कोई भारी दबाव न हो। उन्होंने आरोप लगाया कि एक खास राजनीतिक वित्तीय ढांचे और विदेशी कानूनी मामलों से बचने के लिए देश के हितों की बलि दी गई है।अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने एपस्टीन मामले का जिक्र करते हुए दावा किया कि तीस लाख फाइलें अब भी बंद हैं। उन्होंने कुछ उद्योगपतियों का नाम लेते हुए पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर भी निशाना साधा। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष और आसन पर बैठे जगदंबिका पाल ने उन्हें उन लोगों के नाम लेने से रोका जो सदन के सदस्य नहीं हैं।

    सरकार की ओर से तीखी प्रतिक्रिया
    विपक्ष के इन तीखे हमलों पर सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने सदन में स्पष्ट किया कि भारत की संप्रभुता सर्वोपरि है और कोई भी भारत को बेच या खरीद नहीं सकता। वहीं, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बाद में एक संवाददाता सम्मेलन में राहुल गांधी के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइलों के संदर्भों की चुनिंदा और गलत व्याख्या की जा रही है और केवल राजनीति चमकाने के लिए बार-बार इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार का तर्क है कि यह व्यापार समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक कदम है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here