मुंबई। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के ड्रग्स सिंडिकेट को संभालने वाले बेहद करीबी गुर्गे सलीम डोला को बुधवार (29 अप्रैल) को मुंबई लाया जा रहा है। तुर्किये के इस्तांबुल में एक बड़े गुप्त ऑपरेशन के जरिए हिरासत में लिए गए डोला को लेकर भारतीय जांच एजेंसियों ने शिकंजा कस दिया है।
दिल्ली में शुरुआती पूछताछ पूरी
मंगलवार (28 अप्रैल) की सुबह सलीम डोला को एक विशेष विमान से दिल्ली के टेक्निकल एयरपोर्ट पर लाया गया था। वहां केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीमों ने उससे गहन पूछताछ की। शुरुआती जांच के बाद अब एनसीबी उसे मुंबई लेकर आएगी, जिसके बाद उसे आगे की तफ्तीश के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच के हवाले किया जाएगा।
क्राइम ब्रांच खंगालेगी ड्रग्स कनेक्शन
मुंबई क्राइम ब्रांच ने सलीम डोला को कस्टडी में लेने की पूरी तैयारी कर ली है। जांच एजेंसियां मुख्य रूप से इन मामलों में डोला से जवाब मांगेगी:
सांगली, मैसूर और तेलंगाना ड्रग्स फैक्ट्रियां: इन तीनों राज्यों में पकड़ी गई अवैध ड्रग्स फैक्ट्रियों का मुख्य मास्टरमाइंड सलीम डोला को माना जा रहा है।
सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई: डोला पर आरोप है कि वह विदेश में बैठकर भारत में सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई चेन को नियंत्रित करता था और उसके इशारे पर ही देशभर में नशीले पदार्थों का काला कारोबार चल रहा था।
रेड नोटिस और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
सलीम डोला मूल रूप से मुंबई का निवासी है और लंबे समय से देश छोड़कर फरार था। वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।
इंटरपोल का एक्शन: मार्च 2024 में भारत के अनुरोध पर इंटरपोल ने डोला के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था।
संयुक्त ऑपरेशन: इस्तांबुल में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के एक साझा ऑपरेशन के बाद उसे दबोच लिया गया।
एनसीबी ने कोर्ट को सूचित किया है कि चूंकि सलीम डोला के खिलाफ मुख्य मामले मुंबई में दर्ज हैं, इसलिए उसे वहां ले जाना अनिवार्य है। डोला की गिरफ्तारी को दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के खिलाफ भारत की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। अब पुलिस की कोशिश डोला के जरिए भारत में मौजूद उसके अन्य मददगारों और ठिकानों का पता लगाने की होगी।


