More
    Homeराज्यमहाराष्ट्रनीतीश कुमार के इस्तीफे पर संजय राउत का सवाल—नए CM में देरी...

    नीतीश कुमार के इस्तीफे पर संजय राउत का सवाल—नए CM में देरी क्यों?

    महाराष्ट्र। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज (मंगलवार) को मुख्यमंती पद से इस्तीफा देने वाले हैं. वहीं, बुधवार (15 अप्रैल) को बिहार में नई सरकार का गठन हो जाएगा, लेकिन राज्य का नया सीएम कौन होगा इसको लेकर अभी तक कोई नाम फाइनल नहीं हो सका है. इसको लेकर अब महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि इतने दिन बीत गए हैं, लेकिन अगला सीएम कौन होगा अभी तक नहीं बताया गया.  संजय राउत ने एक प्रेस कांफ्रेस में कहा, "पहली बात यह है कि नीतीश कुमार आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे रहे हैं.  अब वे राज्यसभा में जाएंगे और एक बार फिर राष्ट्रीय नेता के रूप में सक्रिय होंगे.  अब सवाल यह है कि अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा? इतने दिन बीत गए, लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री का चयन नहीं हुआ है. हम दिल्ली में नितीश कुमार का स्वागत करते हैं. वो हमारे अनुभवी नेता हैं और राज्यसभा में उनके आने का हम स्वागत करते हैं।"

    I-PAC पर ED की कार्रवाई पर उठाए सवाल

    राउत ने कहा, "I-PAC के मामले में जिस प्रकार से प्रवर्तन नेदेशालय (ED) ने कार्रवाई की है, वह निष्पक्ष नजर नहीं आती. पश्चिम बंगाल में चुनाव का माहौल है और सभी लोग चुनाव में व्यस्त हैं, लेकिन ED ने केवल बीजेपी के विरोधियों पर ही कार्रवाई की है. यह उनका पुराना तरीका रहा है.  मुझे लगता है कि ममता बनर्जी खुद इस मामले में सक्रिय रही हैं और ED कार्यालय तक गई थीं, लेकिन पश्चिम बंगाल में अंततः जीत ममता दीदी की ही होगी।

    इसके अलावा राउत ने 90 लाख मतदाताओं के मतदान अधिकार पर न्यायपालिका की खामोश पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने पूछा, "अब सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट अंतरिम आदेश क्यों नहीं दे रहा? क्या बीजेपी जो चाहती है वही होगा? अगर 90 लाख मतदाताओं को वोट देने का अधिकार नहीं मिल रहा है, तो संविधान का क्या हुआ? सुप्रीम कोर्ट के पास पूरा अधिकार है कि वह इस पूरे मामले की जांच करें और संबंधित अधिकारियों को कठघरे में खड़ा कर जवाब मांगे।"

    बच्चों के खेल के मैदानों पर भी फाइव स्टार होटल क्यों?

    शिवसेना उद्धव गुट के नेता ने आगे कहा, "महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार का स्तर गिर चुका है. एकनाथ शिंदे और केंद्र सरकार बच्चों के खेल के मैदानों पर भी फाइव स्टार होटल बनाने की योजना बना रहे हैं. बच्चों के पास खेलने के लिए मैदान नहीं बचेंगे, और दूसरी तरफ बड़े-बड़े होटल बनाए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री कहते हैं 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा', लेकिन यह यहां लागू होता नहीं दिख रहा. अगर ऐसी ही नीति रही तो शिवाजी पार्क जैसे ऐतिहासिक मैदानों पर भी निर्माण किया जाएगा क्या? क्या आजाद मैदान और कामगार मैदान भी सुरक्षित नहीं रहेंगे? उन्होंने आगे कहा, "खदान मालिक खुलेआम काम कर रहे हैं और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं. लोगों के पीने के पानी तक पर असर पड़ रहा है. मैंने मुख्यमंत्री को इस संबंध में पत्र लिखा है. रॉयल स्टील कंपनी बीजेपी को बड़ा चंदा देने वाली बताई जाती है. क्या नक्सलवाद इसलिए खत्म किया गया कि खदान मालिकों को खुली छूट मिल सके?"

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here