More
    Homeराज्यमहाराष्ट्रसंजय राउत का बड़ा बयान, बागी नेताओं पर साधा निशाना

    संजय राउत का बड़ा बयान, बागी नेताओं पर साधा निशाना

    मुंबई। महाराष्ट्र के सियासी समर में शिवसेना के दोनों धड़ों (उद्धव ठाकरे गुट और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट) के मध्य जारी शह और मात का खेल एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। शनिवार, 20 जून को शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर एक बेहद सांकेतिक और तीखा पोस्ट साझा कर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को कटघरे में खड़ा किया। राउत ने अपने आधिकारिक हैंडल पर एक तस्वीर पोस्ट की, जिस पर लिखा था कि "कुछ लोग कभी वफादार नहीं होते", और इसके साथ उन्होंने बड़े अक्षरों में "जय महाराष्ट्र!" का उद्घोष भी लिखा। हालांकि इस पोस्ट में किसी नेता या दल का प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं था, लेकिन सूबे के राजनैतिक गलियारों में इसे साफ तौर पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके सहयोगी बागियों के खिलाफ एक बड़ा सीधा हमला माना जा रहा है।

    स्थापना दिवस पर जुबानी जंग और शेर-कुत्ते वाले बयान पर बवाल

    संजय राउत का यह तीखा पलटवार ठीक उस समय सामने आया है, जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक भव्य रैली में उद्धव ठाकरे गुट को आड़े हाथों लिया था। मुख्यमंत्री शिंदे ने चार वर्ष पूर्व तत्कालीन अविभाजित शिवसेना में किए गए अपने ऐतिहासिक विद्रोह का पुरजोर बचाव करते हुए मंच से हुंकार भरी कि प्रदेश की जनता ने हालिया चुनावों में उनके इस फैसले पर अपनी मुहर लगाकर इसे पूरी तरह सही साबित कर दिया है। यूबीटी गुट के शीर्ष नेताओं द्वारा लगातार की जा रही आलोचनाओं पर बेहद कड़ा प्रहार करते हुए सीएम शिंदे ने मर्यादाओं को लांघते हुए यहां तक कह डाला कि "कुत्ते हमेशा झुंड में आकर भौंकते हैं, लेकिन शेर हमेशा अकेला ही आता है।"

    यूबीटी गुट में दोबारा सेंधमारी की अटकलें और 6 सांसदों की सदस्यता पर संकट

    इस भीषण जुबानी जंग के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (यूबीटी) के भीतर एक और बड़ी संभावित टूट की सुगबुगाहट ने सियासी पारे को और गरमा दिया है। दरअसल, शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चंद्रकांत रघुवंशी ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे खेमे के कम से कम 6 लोकसभा सांसद इस समय मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निरंतर संपर्क में हैं और उन्होंने शिंदे के नेतृत्व पर अपना पूर्ण विश्वास जताया है। इस दावे पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने स्पष्ट किया कि हाल ही में लोकसभा सत्र के दौरान सदन से नदारद रहने वाले उन 6 सांसदों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 'कारण बताओ नोटिस' थमा दिया गया है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि नियमों और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के दिशानिर्देशों के तहत इन सभी बागी सांसदों की लोकसभा सदस्यता को समाप्त करने की विधिक प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

    पद छोड़ने को तैयार उद्धव ठाकरे और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमले का आरोप

    इससे पूर्व, शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी और शिंदे गुट पर तीखा हमला बोला था। ठाकरे ने बेहद भावुक और आक्रामक अंदाज में कहा कि यदि उनके ऊपर विरोधियों द्वारा लगाए गए गद्दारी या अन्य कोई भी आरोप निष्पक्षता से सही साबित हो जाते हैं, तो वह राजनीति और अपने पद से तत्काल त्यागपत्र देने को तैयार हैं, लेकिन वह बाल ठाकरे द्वारा खड़ी की गई मूल शिवसेना को किसी भी कीमत पर 'चोरों और लुटेरों' के हाथों में नहीं सौंपेंगे। केंद्र सरकार और राज्य की वर्तमान महायुति सरकार को घेरते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों के दम पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को पूरी तरह पंगु बनाने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। दोनों गुटों के इन तल्ख तेवरों से यह साफ है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की यह सियासी जंग और ज्यादा आक्रामक रूप अख्तियार करने वाली है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here