हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के पाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कछलियनपुरवा गांव में शनिवार की शाम एक अत्यंत वीभत्स और दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक राजमिस्त्री ने आपसी पारिवारिक कलह के चलते पहले अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी और उसके पश्चात स्वयं भी फांसी के फंदे पर लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस दोहरे एवं हृदयविदारक घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के साथ ही दंपती के बच्चों से पूछताछ कर मामले की तहकीकात शुरू कर दी है। पुलिस का यह अनुमान है कि करवा चौथ के अवसर पर उपजे विवाद के बाद शनिवार की शाम को एक बार फिर दोनों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके परिणामस्वरूप यह खौफनाक कदम उठाया गया।
चाकू और ईंट से पत्नी पर हमला कर की हत्या
ग्रामीणों के बीच इस बात की चर्चा है कि मृतक पति-पत्नी दोनों ही एक-दूसरे के चरित्र पर संदेह करते थे। घटनास्थल से पुलिस ने एक खून से सना चाकू और ईंट भी बरामद की है। कछलियनपुरवा निवासी 52 वर्षीय लालपूत राठौर पेशे से राजमिस्त्री थे और उनके पास गांव में कुल तीन मकान थे। इन दिनों वह अपने परिवार के साथ गांव में ही बने एक नए मकान में निवास कर रहे थे। शनिवार की शाम करीब साढ़े चार बजे जब वह अपने काम से घर लौटे, तो किसी बात को लेकर उनकी अपनी 50 वर्षीय पत्नी जनुका के साथ कहासुनी हो गई। उस समय जनुका घर के बरामदे में स्थित चारपाई पर बैठी हुई थीं। विवाद के दौरान आवेश में आकर राजमिस्त्री ने पास रखे चाकू से वार कर उनकी दायीं आंख को बाहर निकाल दिया तथा पेट पर भी दो गंभीर वार किए। इसके पश्चात ईंट से प्रहार कर उनका चेहरा और सिर पूरी तरह कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी लालपूत ने बरामदे के पिछले हिस्से में बने कमरे में जाकर रस्सी के सहारे फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
छोटे बेटे ने देखा शव और पुलिस ने शुरू की फॉरेंसिक जांच
इस खौफनाक वारदात का खुलासा तब हुआ जब उनका नौ वर्षीय सबसे छोटा बेटा पुष्पेंद्र खेलने के बाद घर के भीतर पहुंचा। बरामदे में अपनी मां का खून से लथपथ शव देखकर उसने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया, जिसकी आवाज सुनकर आसपास के पड़ोसी तुरंत मौके पर एकत्र हो गए। जब उन्होंने घर के भीतर जाकर पिता की तलाश की, तो वे अंदर वाले कमरे में फंदे से लटके हुए पाए गए। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद क्षेत्राधिकारी (सीओ) शाहाबाद संतोष सिंह और पाली थाने के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ फौरन मौके पर पहुंचे। मौके पर बुलाई गई फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से तमाम महत्वपूर्ण साक्ष्य और नमूने एकत्रित किए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि करवा चौथ की रात पूजा का सामान लाने को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था, जो शनिवार की शाम को फिर से उभर आया और इस जानलेवा घटना की वजह बना।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और शराब के नशे की आशंका पर जांच
मृतक दंपती के कुल आठ बच्चे हैं, जिनमें छह लड़के और दो लड़कियां शामिल हैं। इनमें से दो बेटे, 18 वर्षीय अर्जुन और नौ वर्षीय पुष्पेंद्र माता-पिता के साथ गांव में ही रहते थे, जबकि शेष बच्चे पानीपत और दिल्ली में रहकर मेहनत-मदूरी करते हैं। ग्रामीण सूत्रों के अनुसार पति-पत्नी के बीच अक्सर कलह होती रहती थी, जिसके चलते पंद्रह दिन पूर्व ही वे पुराने मकान को छोड़कर गांव के बाहरी हिस्से में स्थित इस नए मकान में रहने आए थे। हालांकि यहां आने के बाद भी उनके बीच विवाद थम नहीं रहे थे। दंपती का बेटा अर्जुन पाली से शाहाबाद के बीच ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। त्योहारी सीजन के कारण सवारियों की अधिकता के चलते वह शनिवार की सुबह ही घर से निकल गया था और शाम को जब वह वापस लौटा, तो घर के बाहर भारी भीड़ देखकर उसे अनहोनी का अंदेशा हुआ। क्षेत्राधिकारी संतोष सिंह ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया है कि आरोपी लालपूत अत्यधिक मदिरापान का आदी था, और पुलिस इस आशंका पर भी गहनता से जांच कर रही है कि कहीं शराब के नशे में उपजे विवाद ने ही इस वीभत्स दुर्घटना को तो जन्म नहीं दिया।


