More
    Homeराज्यछत्तीसगढ़वन विभाग का शर्मनाक कृत्य, हिरणों की मौत के बाद पार्क में...

    वन विभाग का शर्मनाक कृत्य, हिरणों की मौत के बाद पार्क में टोटका

    अंबिकापुर| के संजय पार्क में 15 हिरण और कोटरी की वन विभाग के अधिकारियों के लापरवाही से मौत मामले में अब कई सवाल उठ रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर संजय पार्क में संचालित वन्य जीवों के रेस्क्यू सेंटर में डॉक्टर की पदस्थापना क्यों नहीं की गई थी. कुत्तों ने बाड़ा में प्रवेश किया तो आखिर कुत्ते अंदर कैसे आ गए, बाड़ा का मरम्मत क्यों नहीं किया गया और रेस्क्यू के बाद जानवरों को पार्क में लम्बे समय तक क्यों रखा गया था. दूसरी तरफ आप इतनी बड़ी संख्या में मौत होने के बाद पार्क प्रबंधन और वन विभाग ने पार्क में टोटका करना शुरू कर दिया है यहां पर मिर्च नींबू काले धागे में लटकाया गया है|

    हिरण की मौत मामले में कर्मचारियों का निलंबन

    संजय पार्क में हिरण की मौत मामले में वन विभाग में कर अधिकारी और कर्मचारियों को निलंबित किया है लेकिन इसके बाद अब अपनी नाकामी को छुपाने के लिए यहां पर संजय पार्क प्रबंधन ने पार्क के बाहर टिकट काउंटर और दूसरे गेट पर नींबू मिर्च काले धागे में लटकता है ताकि पार्क सुचारू रूप से संचालित होता रहे और बुरी नजर ना लगे. इससे साफ जाहिर हो रहा है कि वन विभाग के अधिकारी अभी भी अपनी जिम्मेदारी को लेकर गंभीर नहीं है वहीं दूसरी तरफ सवाल उठ रहा है कि जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया से बिना अनुमति लिए यहां पर जानवरों को किस आधार पर रखा जा रहा था|

    कर्मचारियों के बीच जमकर विवाद

    सूत्रों का दावा है कि पिछले दिनों संजय पार्क प्रबंधन और वन विभाग के कुछ कर्मचारियों के बीच जमकर विवाद हुआ था उसके बाद वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने प्रबंधन के लोगों को धमकी दिया था कि आप सुचारू तरीके से आगे इस पार्क को नहीं चला पाएंगे और फिर ऐसी घटना हो गई. ऐसे में माना जा रहा है कि कहीं ना कहीं इस पूरे घटना के पीछे कोई साजिश तो नहीं है क्योंकि यह भी कहा जा रहा है कि पार्क के भीतर चिकन बिरयानी का पार्टी हुआ था. अगर यह सब सही है तो फिर इसके लिए जिम्मेदार कौन है|

    वन विभाग में वन की कार्रवाई

    दूसरी तरफ इस पूरे मामले में वन विभाग के बड़े अफसर ने पर्दा डालने के लिए प्राथमिक तौर पर निलंबन की कार्रवाई की है लेकिन उच्च अफसरों को इसकी जानकारी थी कि पार्क में जानवरों को रखने के लिए जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया से परमिशन नहीं है उसके बावजूद जानवरों को यहां रखने में अपना पूरा संरक्षण दे रहे थे|

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here