नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी से अलग होने के बाद से शहजाद पूनावाला लगातार सुर्ख़ियों में बने हुए हैं। हालांकि पार्टी छोड़ने के बावजूद वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की कार्यप्रणाली पर खुलकर अपने विचार रख रहे हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक सफर, भाजपा छोड़ने की वजहों और वर्तमान बयानों पर खुलकर चर्चा की।
अब पार्टी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती
पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान शहजाद पूनावाला ने दावा किया कि भाजपा से अलग होने के बाद अब पार्टी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती है। उन्होंने कहा कि अब न तो भाजपा उन्हें कोई वित्तीय सहायता या पद दे रही है और न ही उनके पास किसी प्रकार की कार्रवाई का कोई डर बचा है। इसके बावजूद उन्होंने माना कि भाजपा में अन्य राजनीतिक दलों की तुलना में जवाबदेही की भावना थोड़ी बेहतर है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जिक्र और सवाल
भाजपा के कामकाज के तरीके पर बात करते हुए पूनावाला ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का उदाहरण दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी खास मुद्दे पर जिम्मेदारी तय करते हुए ऐसा कदम उठाया जा सकता है, तो फिर अन्य राज्यों के शिक्षा मंत्रियों से इसी तरह जवाबदेही क्यों नहीं मांगी जानी चाहिए? उन्होंने कर्नाटक समेत कुछ अन्य राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के कामकाज का संदर्भ देते हुए यह बात कही।
व्यंग्यात्मक लहजे में पीएम मोदी से इस्तीफे की मांग
इस चर्चा के दौरान पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी तीखी टिप्पणियां कीं। उन्होंने पीएम मोदी को लेकर व्यंग्यात्मक तौर पर यह तक कह दिया कि प्रधानमंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। गौरतलब है कि इससे पहले भी वह मोदी को लेकर 'तानाशाह' जैसी टिप्पणियां कर चुके हैं, जिसे वह कई बार विपक्ष के बयानों पर कटाक्ष के रूप में पेश करते आए हैं। हालांकि, पार्टी छोड़ने के बाद भी कई मौकों पर उन्होंने भाजपा को अन्य विपक्षी दलों की तुलना में बेहतर भी बताया है।
जुलाई 2026 में छोड़ा था पार्टी का साथ
शहजाद पूनावाला ने जुलाई 2026 में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया था। अपने इस्तीफे के पीछे उन्होंने अपनी निजी और आर्थिक परिस्थितियों का हवाला दिया था। अब उनके इन ताजा और तीखे बयानों ने राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है।


