अमरावती। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अमरावती में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए शिवसेना में अपनी ऐतिहासिक बगावत के फैसलों को पूरी तरह सही ठहराया है। अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से महायुति के आधिकारिक उम्मीदवार किरण सरनाईक के समर्थन में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि यदि उस समय उनके द्वारा साहसपूर्ण कदम न उठाया गया होता, तो संपूर्ण महाराष्ट्र विकास की दौड़ में डेढ़-दो दशक पीछे चला जाता। इसी निर्णायक बगावत के परिणामस्वरूप तत्कालीन महाविकास अघाड़ी सरकार का पतन हुआ था।
प्रीति रेवने के नाम वापसी पर आभार और शिक्षकों की मांगों पर प्रतिबद्धता
स्थानीय एमडब्ल्यू मंगल कार्यालय में आयोजित इस सभा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरीं प्रीति रेवने द्वारा अपना नाम वापस लिए जाने पर उनका खुले तौर पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि महायुति के सभी घटक दल एकजुट होकर इस विधान परिषद चुनाव में भारी अंतर से जीत दर्ज करेंगे। शिक्षकों की समस्याओं और मांगों पर चर्चा करते हुए शिंदे ने आश्वासन दिया कि पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) सहित शिक्षकों से जुड़े सभी नीतिगत मामलों को लेकर उनकी सरकार पूरी तरह गंभीर और संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि महायुति प्रत्याशी किरण सरनाईक शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी ताकत से कार्य करेंगे और विकासात्मक कार्यों के लिए निधि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
किसानों के लिए वित्तीय सहायता और विधान परिषद चुनावों की सरगर्मी
राज्य में कृषि संकट और सूखे की स्थिति का जिक्र करते हुए उपमुख्यमंत्री ने किसानों को दिवाली के पावन पर्व से पहले पांच हजार रुपये की विशेष सहायता राशि दिए जाने का ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अन्नदाताओं की भलाई के लिए सरकार के खजाने में धन की कोई कमी नहीं है और अन्य रियायतें भी समय पर प्रदान की जाएंगी। वर्तमान में महाराष्ट्र के पुणे और अमरावती समेत पांच विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है, जहाँ महायुति के भीतर सीटों के समीकरणों को साधते हुए दिग्गज नेता लगातार चुनावी रैलियों और बैठकों में जुटे हुए हैं।


