पटना। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा का निधन हो गया है। देश की जानी-मानी सुरक्षा एजेंसी एसआईएस (SIS) ग्रुप के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. आरके सिन्हा ने नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके देहावसान की खबर मिलते ही देश के राजनीतिक, सामाजिक और कारोबारी जगत में गहरा शोक व्यक्त किया जा रहा है। एसआईएस समूह द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के माध्यम से उनके निधन की पुष्टि की गई है।
श्रद्धांजलि और अंतिम दर्शन हेतु पटना लाया जाएगा पार्थिव शरीर
डॉ. आरके सिन्हा के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए विशेष विमान द्वारा दिल्ली से पटना लाया जा रहा है। राजधानी पटना के पाटलिपुत्र इलाके में स्थित अन्नपूर्णा भवन में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु रखा जाएगा। स्वर्गीय सिन्हा का पार्थिव शरीर पटना पहुँचने के पश्चात कल सुबह नौ बजे से दोपहर बारह बजे तक अंतिम दर्शन के लिए उपलब्ध रहेगा। तत्पश्चात दोपहर बारह बजे अन्नपूर्णा भवन से दीघा घाट के लिए उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, जहाँ पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा।
भाजपा के संस्थापक सदस्य और कुशल व्यवसायी के रूप में बनाई पहचान
डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा भारतीय जनता पार्टी के उन शुरुआती नींव के पत्थरों में शामिल थे, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी को बिहार और देश स्तर पर मजबूत करने में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने लंबे समय तक राज्यसभा सांसद के रूप में देश और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। राजनीति के साथ-साथ व्यावसायिक क्षेत्र में भी उन्होंने असाधारण सफलता प्राप्त की। उन्होंने एसआईएस ग्रुप की स्थापना कर सुरक्षा सेवाओं के क्षेत्र में भारत को एक नई पहचान दिलाई और हजारों युवाओं को रोजगार प्रदान किया। उनका असमय चले जाना राजनीतिक और व्यावसायिक दोनों ही क्षेत्रों के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
एसआईएस ग्रुप और विभिन्न दिग्गजों ने जताया गहरा शोक
एसआईएस ग्रुप की ओर से जारी शोक संदेश में डॉ. आरके सिन्हा को पूरे समूह और कर्मचारियों का सच्चा मार्गदर्शक तथा अभिभावक बताया गया है। संस्था के अधिकारियों ने अत्यंत दुखी हृदय से उनके निधन की सूचना साझा करते हुए कहा कि उनके विचार और कार्य हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। बिहार और केंद्र के अनेक प्रमुख राजनेताओं, उद्योगपतियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त की हैं।


