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    भाजपा कार्यालय उद्घाटन में नितिन नवीन बोले, कार्यकर्ताओं से ही पार्टी मजबूत

    टोंक: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को टोंक में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान सात जिला कार्यालयों का डिजिटल उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की वास्तविक शक्ति ईंट-पत्थरों की इमारतों में नहीं, बल्कि उसके निष्ठावान और समर्पित कार्यकर्ताओं के परिश्रम में बसती है।


    दिग्गजों की उपस्थिति में शक्ति प्रदर्शन

    इस कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर, राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास सहित मंत्रिमंडल के कई सदस्य और वरिष्ठ विधायक उपस्थित रहे। नितिन नवीन ने वीरभूमि राजस्थान के शौर्य और बलिदान को नमन करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की।

    कार्यालय: केवल भवन नहीं, विचारों का मंदिर

    नितिन नवीन ने स्पष्ट किया कि पार्टी के ये नए कार्यालय कार्यकर्ताओं के निर्माण की पाठशाला बनेंगे।

    • वैचारिक केंद्र: उन्होंने कहा कि कार्यालय वह स्थान है जहाँ से संगठन की नीतियां तय होती हैं और संकल्पों को धरातल पर उतारा जाता है।

    • समावेशी विकास: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास" के मूल मंत्र को दोहराते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं को अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचने का आह्वान किया।


    शून्य से शिखर तक का ऐतिहासिक सफर

    अपने भाषण में उन्होंने भाजपा के विकास क्रम को रेखांकित किया:

    • ऐतिहासिक वृद्धि: उन्होंने याद दिलाया कि महज दो सांसदों से शुरू हुआ सफर आज भाजपा को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित कर चुका है।

    • सत्ता का विस्तार: वर्तमान में देश के 21 राज्यों में भाजपा की सरकारें कार्यकर्ताओं के अटूट विश्वास का प्रमाण हैं।

    भविष्य का रोडमैप: विकसित भारत 2047

    आगामी लक्ष्यों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति कोई 'शॉर्टकट' नहीं बल्कि निरंतर सेवा का मार्ग है।

    1. बूथ स्तर पर मजबूती: उन्होंने प्रत्येक बूथ, मंडल और शक्ति केंद्र को सशक्त बनाने पर जोर दिया।

    2. लक्ष्य 2047: कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने के लिए अभी से जुट जाएं।

    3. योजनाओं का क्रियान्वयन: आयुष्मान भारत और किसान सम्मान निधि जैसी जनहितैषी योजनाओं को पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना ही कार्यकर्ताओं की असली परीक्षा है।

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