लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आगामी बाईस अक्टूबर को सीतापुर जेल में बंद वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री आजम खां से मुलाकात करने के लिए रामपुर पहुंचेंगे। इस अहम मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच आगामी राजनीतिक रणनीतियों, विधानसभा चुनावों की तैयारियों और प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक हालातों पर विस्तृत चर्चा होने की पूरी संभावना है। उल्लेखनीय है कि इससे ठीक पहले अखिलेश यादव ने बीते वर्ष भी इसी माह में रामपुर जाकर आजम खां से भेंट की थी।
आजम खां और अन्य नेताओं की रिहाई का उठा मुद्दा
हाल ही में रामपुर के दौरे पर आए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां, उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम और मौलाना तौकीर रजा की रिहाई का पुरजोर मुद्दा उठाया था। उन्होंने अपनी जनसभा के दौरान अदालत से अपील की थी कि इन सभी नेताओं को जल्द से जल्द रिहा किया जाना चाहिए, जिसे लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है।
मतदाता सूची में गड़बड़ियों पर चुनाव आयोग को घेरा
राजधानी लखनऊ के गोमती नगर में पूर्व मंत्री विद्या चौधरी के आवास पर उनका कुशलक्षेम जानने पहुंचे अखिलेश यादव ने मीडिया से मुखातिब होते हुए निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया के बाद भी वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ियां बनी हुई हैं और कई स्थानों पर एक ही व्यक्ति के नाम पर कई-कई वोट दर्ज पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भले ही इसे छोटी-मोटी त्रुटि बता रहा हो, लेकिन वास्तव में यह बहुत बड़ी गड़बड़ी है और आयोग सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर कार्य कर रहा है।
पीडीए प्रहरियों से 24 अक्टूबर को बूथों पर सक्रिय रहने की अपील
मतदाता सूची की कमियों को दूर करने के लिए चल रहे अभियान में जनता की भागीदारी का आह्वान करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि आगामी चौबीस अक्टूबर को सभी पीडीए प्रहरी पूरी तरह से मुस्तैद रहकर मतदाताओं की हरसंभव सहायता करें। उन्होंने सोमवार को जारी अपने बयान में चिंता जताई कि आज जातिगत भेदभाव और असमानता इस हद तक बढ़ चुकी है कि विदेशी नागरिक भी इसे स्पष्ट रूप से महसूस कर रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि सच तो यह है कि पीडीए वर्ग के व्यक्ति को चाहे वह जेल के भीतर हो या बाहर, हमेशा जाति के नाम पर अपमान और पीड़ा सहनी पड़ती है। इस प्रकार की सामाजिक असमानता को जड़ से समाप्त करने के लिए राज्य में पीडीए की सरकार बनना ही एकमात्र विकल्प है।


