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    UPPSC के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, लाठीचार्ज-गिरफ्तारी पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव का कड़ा बयान

    उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के खिलाफ प्रतियोगी छात्रों ने आज प्रयागराज में जोरदार प्रदर्शन किया. संयुक्त प्रतियोगी छात्र ‘हुंकार’ मंच द्वारा बुलाए गए इस आंदोलन में मुख्य रूप से पांच मांगें उठाई गईं, जिनमें कटऑफ लिस्ट जारी करना, प्राप्तांक सार्वजनिक करना, रिवाइज्ड आंसर की जारी करना और OMR शीट अपलोड करना शामिल है. छात्रों का आरोप है कि PCS-2024 और RO-ARO 2023 परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी है. इस दौरान ख़ासा हंगामा भी हुआ |

    आंदोलन के दौरान ही एक अन्य छात्र गुट भी शामिल हुआ, जिसने रिजर्वेशन में माइग्रेशन का मुद्दा उठाया | उनका कहना था कि जनरल कैटेगरी के उम्मीदवार कम नंबरों पर पास हो जा रहे हैं, जबकि SC/ST/OBC और अन्य कैटेगरी के उम्मीदवार ज्यादा नंबर लाने के बावजूद रिजर्व्ड कैटेगरी में रखे जाने के कारण पास नहीं हो पा रहे. इस मुद्दे को लेकर शुरू में दोनों गुट अलग-अलग नजर आए, लेकिन बाद में समझौते के बाद एकजुट हो गए |

    इस आन्दोलन में छात्रों  के साथ मारपीट और गिरफ्तारी पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने ऐतराज जताया और प्रदेश सरकार पर तंज कसा है. उन्होंने पोस्ट करते हुए छात्रों-नौजवानों के अपमान का आरोप लगाया |

    दोनों गुटों ने दिया 15 दिन का अल्टीमेटम

    हुंकार मंच के छात्रों ने स्पष्ट किया कि वे केवल अपनी मूल पांच मांगों पर ज्ञापन सौंपेंगे| वहीं, दूसरे गुट ने सहमति जताते हुए कहा कि वे हुंकार मंच की मांगों के साथ-साथ रिजर्वेशन में माइग्रेशन की मांग को भी ज्ञापन में शामिल करेंगे. दोनों गुटों ने मिलकर आयोग को ज्ञापन सौंपा और 15 दिन का अल्टीमेटम दिया | छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर 15 दिनों में मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा |

    अखिलेश यादव का तंज

    छात्रों से पुलिस के व्यवहार पर अखिलेश यादव ने नाराजगी जाहिर की. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया और बीजेपी सरकार पर निशाना साधा| उन्होंने कहा, “बेरोज़गारी की पीड़ा से गुज़र रहे युवाओं के साथ अमानवीय तरीके से मारपीट व बाल पकड़कर अपमानित करने का जो काम उप्र की भाजपा सरकार कर रही है, वो दरअसल भाजपा का सत्ता का अहंकार है, जो अमानुषिक बनकर अपनी ताक़त दिखा रहा है. भाजपा ये न भूले कि पढ़नेवाले युवा लड़ना नहीं चाहते हैं, वो तो बस साफ़-सुथरे तरीक़े से नौकरी की प्रक्रिया का शुद्धीकरण करवाने की माँग कर रहे हैं |

    उन्होंने कहा कि हम प्रतियोगी अभ्यर्थियों के साथ नैतिक बल बनकर खड़े हैं. हम उप्र लोक सेवा आयोग की दोषपूर्ण परीक्षा प्रणाली और भ्रष्ट चयन प्रक्रिया पर लग रहे आरोपों के संदर्भ में एक SIR की पुरज़ोर माँग करते हैं. भाजपा को इस बर्बरतापूर्ण व्यवहार के लिए युवा कभी माफ़ नहीं करेंगे. भाजपा के एजेंडे में नौकरी है ही नहीं! भाजपा जाए तो नौकरी आए |

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