असहनीय कष्ट में करें हनुमान बाहुक पाठ, बजरंगबली हर लेंगे संकट
हिंदू धर्म और भक्ति साहित्य में हनुमान बाहुक का विशेष महत्व है। इसकी रचना गोस्वामी तुलसीदास जी ने उस समय की थी, जब वे कलियुग के प्रकोप से उत्पन्न अपने हाथों की असहनीय पीड़ा (गंभीर वात रोग) से त्रस्त थे। यह स्तोत्र न केवल...

